अंबाला सिटी। पत्नी की हत्या और आत्महत्या करने वाले हरियाणा पुलिस में ईएएसआई गुरदीप सिंह व उसकी पत्नी सुरिंदर कौर का मंगलवार शाम को सशस्त्र सलामी देकर गांव नसरौली में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान जब उनके बेटों 11 वर्षीय युवराज सिंह व 9 वर्षीय नवराज ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी तो हर आंख नम थी। इससे पहले तीन डॉक्टरों के पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान एक गोली महिला के बाएं कंधे में धंसी मिली। उधर, परिजनों ने बताया कि सुरिंदर कौर की सास सिमर कौर से नहीं बनती थी, इसको लेकर भी अक्सर गुरदीप परेशान रहता था। कई बार पंचायत में भी फैसला हुआ था।
पंचकूला पुलिस में पीसीआर पर तैनात ईएएसआई गुरदीप सिंह ने सोमवार को अपनी पत्नी की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद खुद को भी गोली मार ली थी। मंगलवार को गुरदीप और उसकी पत्नी सुरिंदर कौर के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम करने से पहले डॉक्टरों ने दोनों के शव का एक्सरे करवाकर शरीर में धंसी हुई गोलियों की लोकेशन जानी। इस दौरान एक गोली सुरिंदर कौर के बायें कंधे में धंसी मिली। डॉक्टरों के पैनल में डॉक्टर सन्नी भट्टी, डॉक्टर हर्ष और डॉक्टर प्रवीण शामिल थे। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, सोमवार की शाम पंजोखरा थाना पुलिस ने सुरिंदर कौर की मौत का जिम्मेदार ईएएसआई गुरदीप को बताते हुए उसके खिलाफ 302 का केस दर्ज कर लिया था। वहीं मामले में लीगल एक्सपर्ट का कहना है कि इस मामले में आरोपी की भी मौत हो गई है ऐसे में पुलिस क्लोजर रिपोर्ट बनाएगी और यह महज औपचारिकता ही है।
-----------------
शादी के 15 साल बाद घटना को अंजाम दे बच्चों को कर गया अनाथ
मंगलवार को शव लेने पहुंचे परिजन जहां एक-दूसरे से बात करते हुए कह रहे थे कि गुरदीप ने मानसिक परेशानी के चलते खुद को खत्म कर लिया, लेकिन पत्नी को भी इसकी भेंट चढ़ाकर बच्चों को अनाथ कर दिया। वहीं सोमवार दोपहर पति और पत्नी के बीच अचानक क्या हुआ, इस पर भी ग्रामीण और रिश्तेदार चर्चा करते रहे। परिजनों ने इस दौरान बताया कि पति और पत्नी के बीच घरेलू कलह विवाद का कारण बना हुआ था। इसके चलते कई बार पंचायती फैसला भी हुआ। उन्होंने बताया कि इनकी शादी को करीब 15 साल हो गए थे और इनके तीन बच्चे हैं। इस दौरान परिजनों ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ साल से इनके बीच सब सामान्य हो गया था, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि गुरदीप ने इस घटना को अंजाम दे दिया, इसके बार में कुछ समझ में नहीं आ रहा है। वहीं परिजनों ने यह भी बताया कि सुरिंदर कौर और सास-ससुर की आपस में नहीं बनती थी, इसको लेकर भी अक्सर गुरदीप परेशान रहता था। उधर ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों के बीच झगड़ा होना आए दिन की बात थी। एक बार तो मामला वूमन सेल तक जा पहुंचा था और वहां पंचायती फैसला हुआ था।
------------
किचन में सब्जियां काट रही थी बहू
ईएएसआई गुरदीप की 75 वर्षीय मां सिमर कौर ने बताया कि सोमवार को उसका बेटा 11 बजे ड्यूटी से अपने घर आया था। उस दौरान वह कुछ परेशान दिख रहा था। घर आते ही वह पत्नी के पास चला गया। सिमर कौर ने बताया कि वह अपने मकान के पीछे पशुओं के बाड़े के पास जाकर चारपाई पर लेट गई। जब वह शौच के लिए आई तो शोर हो रहा था कि गुरदीप एक मकान में खून से लथपथ पड़ा है। सिमर कौर ने बताया कि उसने जब वहां जाकर देखा तो वहां गुरदीप मृत पड़ा था और उसकी पिस्टल पास ही पड़ी थी। इस पर महिला ने पड़ोसियों से कहा कि इसकी पत्नी को बुलाकर लाओ, वह किचन में सब्जी काट रही है। लोग जब उसे बुलाने के लिए घर गए तो देखा कि किचन में वह भी खून से तरबतर पड़ी थी। सिमर कौर ने बताया कि उसका बेटा मानसिक रूप से करीब 7 साल से परेशान चल रहा था और उसक इलाज शहर के पटनायक अस्पताल में चल रहा था।
----------
इकलौता था गुरदीप, दादी के सहारे बच्चे
गुरदीप की पत्नी सुरिंदर कौर इस्माइलाबाद की रहने वाली थी। उसकी बड़ी बेटी करीब 14 साल की है और इसके बाद दो बेटे हैं। गुरदीप का कोई भाई नहीं था, लेकिन दो बहनें हैं, जो शादीशुदा हैं। माता और पिता की मौत के बाद इन तीनों बच्चों का सहारा अब दादी ही हैं।
-----------
ईएएसआई को राजकीय सम्मान नहीं दिया गया है। पुलिस मुलाजिम होने के कारण उन्हें सशस्त्र सलामी दी गई है।
- डा. आरसी मिश्रा, एडीजीपी
---------
पुलिस में किसी भी कर्मचारी की मौत होने पर यह सम्मान दिया जाता है। गुरदीप भी सर्विस में था, इसलिए सशस्त्र सलामी दी गई है।
-कंवलजीत गोयल, डीसीपी, पंचकूला
---------
सेना व पुलिस के नियम अलग होते हैं। फिर भी एक हत्या के बाद सुसाइड करने वाले को सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए।
-अतर सिंह मुल्तानी, रिटायर्ड सूबेदार