तत्कालीन ईओ यादव ने की 1200 एनओसी अवैध कॉलोनियों की और तबादला होने के बाद 24 घंटे में जारी की 45 एनडीसी
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चार साल पहले हुई थी शिकायत, सीएम फ्लाइंग की जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत केस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। नगर निगम अंबाला सदर जोन में अवैध कॉलोनियों की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) और तबादले के बाद एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) जारी करने के मामले में नगर निगम अंबाला सदर के पूर्व ईओ केके यादव फंस गए हैं। उन पर लगाए गए आरोप सीएम फ्लाइंग द्वारा की गई जांच में सही पाए गए हैं। सीएम फ्लाइंग की स्तुति पर सदर पुलिस ने केके यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, धोखाधड़ी, दस्तावेजों से छेड़छाड़ आदि के आरोप में केस दर्ज किया है। मामले में दो निगम कर्मियों के भी नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि उनके खिलाफ अभी केस दर्ज नहीं किया गया है। भ्रष्टाचार का यह मामला वर्ष 2014 का है। आरोप है कि निगम के तत्कालीन ईओ केके यादव ने करीब 1200 एनओसी अवैध कॉलोनियों की कर दीं और तबादला होने के बाद 24 घंटे में 45 एनडीसी जारी कर दीं।
यह लगाए थे ईओ पर आरोप
शिकायतकर्ता टिंबर मार्केट निवासी सुभाष बाशी ने आरोप लगाया था कि 23 जून 2014 को ईओ केके यादव का तबादला हो गया था। आरोप है कि यादव ने 2400 एनओसी की जिनमें से लगभग 1200 एनओसी उन खसरा नंबर की जारी की गईं जोकि हरियाणा सरकार की खसरा नंबर की लिस्ट में शामिल नहीं थीं। इन एनओसी को जारी करने की एवज में यादव द्वारा प्रति एनओसी करीब 15 हजार रुपये की रकम ली गई। यादव ने दो महीनों के अंदर इन खसरा नंबर की एनओसी लोगों को जारी करके नाजायज तौर पर कमाई की। 23 जून को सुबह 11 बजे तबादला होने के कारण निगम का चार्ज छोड़ दिया गया। उसके बाद 23 एनओसी चार्ज छोड़ने के बाद जारी की गईं। यह एनओसी 23 से 24 जून के बीच जारी हुईं। एनओसी की सरकारी फीस 25 जून को करीब एक बजे के बाद निगम कार्यालय में जमा करवाई गई।
सीएम फ्लाइंग की जांच में यह निकली गड़बड़ी
सीएम फ्लाइंग ने जांच में पाया कि बुक नंबर 23 क्रम संख्या 47 से 92 तक जो भी एनडीसी काटी गई वह केके यादव द्वारा तबादला होने व चार्ज छोड़ने के बाद काटी गई। एनडीसी यादव द्वारा स्वयं जारी की गई व उसकी जो राशि थी वह रकम कंप्यूटर ऑपरेटर विक्रम व सचिन नगर निगम अंबाला सदर जोन द्वारा 25 जून को जमा कराई गई। जी-8 जो रसीद बुक केवल रिकॉर्ड रूम से जारी की जाती है वह रसीद बुक यादव द्वारा अपने पास रखी थी। जांच में पाया कि एनडीसी बुक नंबर 23 में तिथि क्रम अनुसार नहीं पाई गई। सर्वप्रथम इसमें क्रम संख्या 47 से 77 दिनांक 23 जून को एनडीसी जारी की गई तथा फिर इसी बुक में क्रम संख्या 78 से 80 दिनांक 24 जून को सचिव यादव द्वारा जारी की गई और फिर से क्रम संख्या 81 से 92 तक 23 जून को एनडीसी सचिव यादव द्वारा जारी की गई। जांच में यह भी पाया गया है कि सचिव यादव ने अपने कार्यालय के दौरान अंबाला में निम्न एनडीसी हरियाणा सरकार द्वारा स्वीकृत खसरा नंबर की लिस्ट से बाहर होने के बाबजूद भी जारी किए। सीएम फ्लाइंग की रिपोर्ट पर पुलिस ने सचिव यादव के खिलाफ धारा 409, 420, 468, 120-बी व 13 भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
चार वर्ष पहले की थी शिकायत (फोटो नंबर : 31)
शिकायतकर्ता सुभाष बाशी ने बताया कि इस मामले में उन्होंने चार वर्ष पहले शिकायत दी थी। निगम में ईओ यादव ने भारी मात्रा में भ्रष्टाचार किया था। करीब 1200 एनओसी अवैध कॉलोनियों की जारी हुई थी। पुलिस को जल्द आरोपी और निगम में उसका साथ देने वाले अन्य दो कर्मियों को गिरफ्तार करना चाहिए।
क्या फर्जी एनओसी व एनडीसी रद्द करेगी निगम
जांच में साफ हुआ है कि अवैध कॉलोनियों की एनओसी व एनडीसी ईओ द्वारा फर्जी तरीके से जारी कर दी गई, मगर बड़ा सवाल है कि यह एनओसी या एनडीसी जिस भी प्रॉपर्टी की जारी हुई क्या अब नगर निगम इसको रद्द करेगी। एनओसी व एनडीसी के दम पर तहसील पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां हुईं। साफ है कि अवैध खेल बड़ी मात्रा में खेला गया।
कोट्स
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है, मामले में छानबीन जारी है जिसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-विजय कुमार, एसएचओ, सदर थाना, अंबाला कैंट।