कब्जे हटाने में पक्षपात, एनएचएआई से मिला प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। अंबाला-जगाधरी नेशनल हाइवे से कोर्ट के आर्डर पर कब्जे हटाने की कार्रवाई पर लोगों ने पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। इसी को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) से मिला। उल्लेखनीय है कि 11 जनवरी को होने वाली कार्रवाई रुकी है, जबकि कुछ दुकानदारों ने शपथ देकर कब्जा हटाने की बात की है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल अमित, जॉनी, राजेश, गुरमेल सिंह, हरमीत सिंह ने बताया कि बीते नवंबर में नोटिस आया था, जिसमें बताया गया था कि कितने फुट कब्जा है और इसे हटा लिया जाए। इस पर लोगों ने खुद ही कब्जे हटा लिए। इसके बाद कार्रवाई हुई, जबकि यह कार्रवाई मात्र लीपापोती ही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बावजूद रसूखदारों के कब्जे छोड़ दिए गए हैं, जबकि अन्य के तोड़े गए हैं। यदि कार्रवाई होनी है, तो सभी पर बराबर की जाए। उन्होंने बताया कि इसी मार्ग पर स्थित केडी अस्पताल का भी कब्जा है, लेकिन यह अभी तक छोड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जो निशान लगाए गए थे, वह भी हटा दिए गए हैं, जबकि कब्जा अभी भी बरकरार है। कोर्ट के आदेश के बावजूद इस तरह की कार्रवाई में पक्षपात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी मौका देखें और निष्पक्ष कार्रवाई करें।
इस बारे में एसडीएम अंबाला कैंट सुभाष सिहाग का कहना है कि कार्रवाई एनएचएआई द्वारा की जानी है, जबकि पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है। अभी इस तरह कोई शिकायत नहीं मिली है, जबकि 11 जनवरी को जो कार्रवाई होनी थी, वह कुछ दुकानदारों द्वारा एनएचएआई को शपथ पत्र देने के कारण रुकी है। इस मामले में एनएचएआई को ही कोर्ट में जवाब देना है।