अंग्रेजी का पेपर खराब होने पर दसवीं की छात्रा ने लगाया फंदा
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। अंग्रेजी विषय का पेपर खराब होने पर गांव नहौनी में दसवीं कक्षा की छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने बीती शाम आत्महत्या की और उस समय वह घर में अकेली थी। माता-पिता शाम को जब घर लौटे तो कमरे में बच्ची को झूलता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की जानकारी तुरंत पड़ोस में दी गई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। कलालटी पुलिस ने रविवार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया है।
पुलिस को दिए बयानों में छात्रा के पिता कपिल देव निवासी नहौनी ने बताया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी गीतांजलि का शुक्रवार नहौनी राजकीय स्कूल में अंग्रेजी विषय का पेपर था। शुक्रवार दोपहर वह बुझे मन से घर लौटी थी। इस दौरान उसने किसी से ज्यादा बात नहीं की। कपिल ने बताया वह मेहनत मजदूरी करता है और शाम को जब वह घर आया तो उसकी बेटी गीतांजलि ने ज्यादा बात नहीं की। उसने बताया कि उसका पेपर सही नहीं हुआ है, उन्होंने उसका हौसला बढ़ाया और सांत्वना दी। मगर गीतांजलि फिर भी परेशान थी। उसे रात्रि भी ठीक से खाना नहीं खाया और जल्दी सो गई। शनिवार को वह घर पर थी। इसी बीच शाम को वह पत्नी सहित बाहर गए थे। देर शाम जब वह घर वापस लौटे तो एक कमरे का दरवाजा बंद था। उन्होंने जब दरवाजा खोला तो गीतांजलि का शव कमरे में झूल रहा था। यह देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बताया कि तुरंत उन्होंने आस पड़ोस मामले की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। कपिल ने बताया कि गीतांजलि होनहार थी और परीक्षा में वह अच्छे अंकों से पास होती थी, मगर एक परीक्षा खराब होने पर उसने ऐसा कदम उठाया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। गीतांजलि की मां का भी रो-रोककर बुरा हाल था और वह बेसुध थी। वहीं रात को मौके पर पहुंची कलालटी चौकी पुलिस ने शव को फंदे से उतारा, जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव मुलाना मेडिकल कालेज ले जाया गया। इस दौरान पुलिस ने मामले को लेकर छानबीन भी की। रविवार दोपहर डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के सुपुर्द किया है। मामले की जांच कर रहे कलालटी चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों एवं अन्य लोगों से बातचीत के दौरान सामने आया है कि छात्रा ने पेपर खराब होने के तनाव में फांसी लगा ली। पुलिस ने परिवार सदस्यों एवं स्कूल स्टाफ से भी मामले को लेकर बातचीत की है। उसके पिता के ब्यानों पर कार्रवाई अमल में लाई गई है। शव का पोस्ट मार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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पढ़ाई में अच्छी थी गीतांजलि, फिर भी उठाया कदम
नहौनी राजकीय स्कूल की प्रिंसिपल अर्चना धीमान ने कहा कि गीतांजलि होनहार छात्रा थी और वह पढ़ने में अच्छी थी। मगर परीक्षा को लेकर वह तनाव में थी, इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि घटना से पूरे स्कूल को दुख है। वहीं स्कूल के अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि गीतांजलि कक्षा में ठीक थी और उसका अंग्रेजी का पेपर ठीक नहीं होने के कारण शुक्रवार को वह कुछ परेशान थी। मगर किसी को भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। गांव में ही गीतांजलि के साथ पढ़ने वाले कई विद्यार्थी हैं जोकि इस घटना को लेकर गहरे सदमे में हैं।
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परीक्षा के समय परिजना रहें सतर्क, बच्चों से करें बात : सज्जन सिंह
मनोविशेषज्ञ प्रो. सज्जन सिंह ने कहा कि परीक्षा के समय परिजनों को सतर्क रहना चाहिए। परिवार को बच्चों से बात करनी चाहिए। यदि वो तनाव में रहेंगे तो परीक्षा सही नहीं होगी। अक्सर परीक्षा के दिनों में बच्चे ज्यादा तनाव में आ जाते हैं जिस कारण वह गलत कदम तक उठा लेते हैं। खासकर परीक्षाओं के समय में परिवार सदस्यों का भी यह फर्ज बनता है कि वह बच्चों के संपर्क में रहे और उनसे बातचीत की। परीक्षा का तनाव उन पर हावी न होने दें।