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शराब की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक काबू

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शराब की अवैध फैक्टरी का भंडाफोड़, एक काबू
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प्रस्तावित लीड
फोटो नंबर :: 50, 51, 52
1545 बोतलें शराब, 450 पेटियां पव्वों की, 13 हजार लीटर कच्चा माल और लाखों ढक्कन बरामद
बोतलों पर सेल फॉर यूपी व सेल फॉर पंजाब लिखा है
किराये पर ली थी साहा ग्रोथ सेंटर में फैक्टरी, एक अक्तूबर को हुआ था एग्रीमेंट
अमर उजाला ब्यूरो
साहा। क्षेत्र के साहा ग्रोथ सेंटर में शराब की अवैध फैक्टरी का भंडाफोड़ किया गया है। मौके से जहां एक युवक को काबू किया है, वहीं भारी मात्रा में शराब की बोतलें व कच्चा माल भी बरामद हुआ है। इन बोतलों पर सेल फॉर यूपी व सेल फॉर पंजाब लिखा है। खास है कि फैक्टरी को किराये पर लिया गया था, जबकि एक अक्तूबर को इस फैक्टरी का एग्रीमेंट लिखा गया था। पुलिस व आबकारी विभाग ने इस मामले में आगामी कार्रवाई शुरू की है।
आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम सोमवार सुबह एनके अग्रवाल, दलबीर सिंह, सोनू यादव व वजीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ इस फैक्टरी में पहुंची। पुलिस ने फैक्ट्री में मौजूद युवक देवेंद्र सिंह, जो खुद को सोनीपत निवासी बता रहा था, को दबोच लिया। टीम ने तलाशी के वक्त पाया कि यहां सरेआम अवैध रूप से देसी शराब बनाने का काम चल रहा है। यहां से पकड़ी 1145 बोतलों पर सेल फॉर यूपी लिखा है, जबकि करीब 400 बोतलों पर सेल पर पंजाब लिखा हुआ है। इसके अलावा करीब 450 पेटियां पव्वों की यहां से बरामद हुईं। फैक्टरी से करीब 13 हजार लीटर कच्चा माल मिला है जिससे शराब बनाने का काम किया जाना था। जांच कर रही टीम को लाखों के हिसाब से खाली ढक्कन मिले हैं जिसकी गिनती कर पाना विभाग को मुश्किल हो रहा है।
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ग्रोथ सेंटर के स्टाफ की भूमिका संदिग्ध
दरअसल यह फैक्टरी अंबाला छावनी निवासी रामदयाल सिंह की थी। फैक्टरी को ग्रोथ सेंटर के ही एक कर्मी ने पानीपत के दीपक को किराये पर दिलाया था। एक अक्तूबर से ही एग्रीमेंट किया गया था। माना जा रहा है कि इस कर्मी को पता हो सकता है कि इस फैक्टरी में क्या काम किया जाना है। इसकी जांच पुलिस और विभाग के अधिकारी कर रहे हैं।
थाने से महज आधा किमी दूरी
जिस फैक्टरी में अवैध शराब का गोरखधंधा शुरू किया गया था, वह थाने से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर है। चर्चा है कि पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी, जबकि सात दिन तक इस फैक्टरी में भारी मात्रा में सामान पहुंचाया गया, कई बोतलें भर ली गईं।
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कोट
यह फैक्टरी एक अक्तूबर से किराये पर ली गई थी और 7 अक्तूबर से इसे किरायेदार ने शुरू किया था। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए युवक ने कहा कि फैक्टरी में पहले दिन से शराब बनाने का काम शुरू किया गया था। इस फैक्टरी में बनाई जा रही शराब पर एनवी डिस्टलरी का मार्का इस्तेमाल किया जाता था।
-एनके अग्रवाल, जिला अधिकारी, आबकारी विभाग।
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