अंबाला सिटी। शहर के नागरिक अस्पताल में एक महिला ने बच्चे को दिया। बच्चे की कमजोर हालत के चलते उसका अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया। इस बीच महिला मौका पाकर लापता हो गई। तलाश करने पर उसका कुछ भी पता नहीं चला। वहीं इलाज के दौरान मंगलवार दोपहर को बच्चे ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर महिला पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस दौरान अस्पताल स्टाफ की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डिलीवरी से पहले महिला का अस्पताल में एडमिट कार्ड तक नहीं बना था। इस कारण उसके बारे में कुछ भी नहीं लग पा रहा है।
जानकारी के अनुसार शहर के नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर ने थाना बलदेव नगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 22 जून की रात 1.40 बजे गांव कुराली पीएचसी से रेफर होकर एक महिला सकीना अपनी सास सरफन के साथ सिटी सिविल अस्पताल आई थी। इस दौरान वह सात माह की गर्भवती थी। डॉक्टर ने शिकायत में बताया कि उस महिला ने रात 2.30 बजे लड़के को जन्म दिया। सुबह जब 8.15 बजे स्टाफ नर्स सकीना को खून चढ़ाने के लिए वार्ड में गई तो सकीना वहां नहीं थी। काफी तलाश करने के बाद जब नहीं मिली तो डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर का कहना था कि नवजात की हालत ज्यादा खराब थी, अगर इसे पीजीआई रेफर करते तो वहां से नवजात को वापस यहीं भेज दिया जाता।
सीडब्ल्यूसी को दी सूचना
घटना की पूरी जानकारी अस्पताल स्टाफ ने चाइल्ड लाइन को दी, जिसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर जानकारी जुटाई गई। इसके बाद टीम ने सीडब्ल्यूसी सूचना दी कि उन्हें अस्पताल स्टाफ से पता चला है कि अस्पताल में सकीना का कोई कार्ड ही नहीं बना था। इस बारे में डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है।
अगर इस मामले में अस्पताल प्रशासन की किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो वह इस संबंध में सीएमओ को लेटर लिखेंगे और जांच की जाएगी कि क्या सकीना का कार्ड बना था या नहीं।
- गुरदेव सिंह मंडेर, सीडब्ल्यूसी मेंबर
अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का कार्ड बनता है। इस बारे में जानकारी जुटाने के बाद ही कुछ कह सकूंगी।
- पूनम जैन, पीएमओ, अंबाला।