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दस दिनों से लापता गुरविंदर घायल हालत में बेसुध मिला, हाथ-पांव बंधे थे

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दस से लापता युवक हाथ-पांव बंधा बेसुध मिला, सिर पर गहरी चोट के निशान
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। दस दिन से लापता गांव अंधेरी का रहने वाला युवक गुरविंदर सोमवार को गांव लखनौरा के पास सड़क के किनारे बेसुध हालत में मिला। उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे और सिर पर चोट के गहरे निशान थे। राहगीरों ने इसकी सूचना सरपंच लखनौरा को दी, जिसके बाद पुलिस को भी सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पहुंचे सरपंच व अन्य ने घायल के हाथ-पांव खोले और सिविल अस्पताल नारायणगढ़ पहुंचाया। यहां पर उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद सेक्टर-32 चंडीगढ़ स्थित अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों को सूचना मिली तो वे अन्य ग्रामीणों के साथ पहले पुलिस थाने में पहुंचे, जबकि उसके बाद लघु सचिवालय में पहुंच कर हंगामा किया। काफी देर तक चले इस प्रदर्शन को आखिरकार डीएसपी के आश्वासन के बाद शांत किया गया। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम-प्रसंग का लग रहा है।
गुरविंद्र निवासी गांव अंधेरी 6 जुलाई को अपने घर से कालाअंब जाने के लिए बैग लेकर निकला था, लेकिन गुरविंद्र शाम तक नहीं लौटा तो उसके परिजनों ने इस संदर्भ में अगले रोज पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। पुलिस न मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन लापता का पता नहीं लगा पाई। इस दौरान परिजनों ने भी अपने स्तर पर गुरविंदर को काफी खोजा, मगर उसका पता नहीं चला।
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सोमवार की सुबह संदिग्ध हालत में गांव से कुछ दूरी पर गांव लखनौरा के पास सड़क किनारे गुरविंद्र बेसुध हालत में मिला। राहगीरों ने इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी। जिसके बाद इसकी पुलिस को दी गई। उन्होंने देखा कि गुरविंदर के हाथ-पांव बंधे हैं, और सिर पर गहरी चोट के निशान हैं। घायल को नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल लाया गया। जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद सेक्टर 32 चंडीगढ़ के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। गुरविंद्र की माता सुखदेवी का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने उसके बेटे का अपहरण कर यह हाल किया है।
लघु सचिवालय पर दो घंटे हंगामा
गुरविंद्र को सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा चंडीगढ़ रेफर करने के बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों ने पहले थाना नारायणगढ़ में जमकर हंगामा किया। उसके बाद लघु सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय पहुंच कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की। लगभग दो घंटे तक परिजन इसी परिसर में डटे रहे, जबकि डीएसपी के आश्वासन के बाद शांत हुए।
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सवाल : दस दिनों तक कहां था गुरविंद्र
जिस हालात में गुरविंद्र मिला है, वह कई सवाल पैदा कर रहा है। बीते छह जुलाई को वह कालाअंब के लिए चला था, जबकि वापस घर नहीं लौटा। छह जुलाई से लेकर वह कहां-कहां गया, कौन उससे मिला, क्या बातचीत हुई, इस बारे में अभी कुछ पता नहीं है। लेकिन, जिस स्थिति में वह मिला है, उससे यह साफ दिख रहा है कि उसे एक-आध दिन पहले सड़क किनारे फेंका हो सकता है। उसके साथ मारपीट किसने की, उसके साथ क्यों मारपीट की गई, यह जांच के बाद सामने आएगा। लेकिन, पुलिस के लिए यह मामला एक तरह से चुनौती बन सकता है। अब इस मामले में पर्दा तभी उठेगा, जब गुरविंदर बयान देने की स्थिति में होगा।
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कोट
प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के बाद उन्हें आश्वास्त किया कि उपचाराधीन गुरविंद्र के बयान के आधार पर आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। फिलहाल अन्य बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है, जबकि इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।
- अमित भाटिया, डीएसपी, नारायणगढ़
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