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नशे के कारण जिले में बढ़ रही चोरी की वारदातें, हर रोज एक वाहन गायब, ट्रक-जेसीबी तक को उठा ले गए चोर

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मुनीष कुमार
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अंबाला सिटी। जिले में वाहन चोरी की वारदात प्रतिदिन बढ़ रही हैं। इसका प्रमुख कारण नशा बताया जा रहा है। पुलिस की सुस्ती के चलते इस साल अब तक कुल 197 वाहन चोरी हो चुके हैं। हालांकि पुलिस ने 63 केसों को निपटा दिया है, लेकिन यह काफी कम है। वहीं पुलिस अधिकारी का कहना है कि मुख्य जगहों को टारगेट किया गया है, जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
ताजा मामले की बात करें तो थाना पड़ाव में दर्ज चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी मोनू उर्फ बोंधू निवासी गांव सूताना थाना मॉडल टाउन जिला पानीपत को गिरफ्तार किया। उससे ट्रैक्टर बरामद किया गया है। इस संबंध में तेजपाल सिंह निवासी विद्यानगर अंबाला छावनी ने 4 मई को थाना पड़ाव में शिकायत दी थी।
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किस माह कितने वाहन हुए चोरी
जनवरी में 1 ट्रक, 23 स्कूटर व बाइक
फरवरी में 1 ऑटो, 21 स्कूटर व बाइक
मार्च में 1 ऑटो, 31 स्कूटर व बाइक
अप्रैल में 1 ऑटो व 3 कार, 1 ट्रैक्टर, 1 ट्रक और 35 स्कूटर-बाइक
मई में 1 ट्रक, 2 कार व 25 स्कूटर-बाइक
जून में 1 जेसीबी, 1 ट्रैक्टर व 27 स्कूटर-बाइक
जुलाई में 1 पिकअप, 1 ऑटो व 21 स्कूटर-बाइक
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क्यों और कैसे करते हैं चोरी
सूत्रों के अनुसार आज के युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है जिसके चलते वे नशा खरीदने के लिए पैसों की जरूरत की वजह से चोरी का रास्ता अपना लेते हैं। कुछ शौक पूरा करने के लिए भी वाहन चोरी करते हैं। अक्सर यह भी देखा गया है कि वह पूरा दिन इन वाहनों का उपयोग कर वाहन को उसी जगह या कहीं आसपास छोड़कर चले जाते हैं। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि कई चोर प्रोफेशनल होते हैं और उनके लिए हर प्रकार का लॉक खोलना आसान होता है। इस वजह से वह अपनी इस आदत को कला का रूप देने के लिए चोरी का रास्ता भी अपना लेते हैं।
इन जगहों को बनाते हैं निशाना
चोर अधिकतर भीड़भाड़ वाली जगहों को ही वाहन चोरी के लिए चुनते हैं, क्योंकि भीड़ में व्यक्ति अपने वाहन को किसी भी जगह लगाकर काफी दूर तक पैदल सफर करने निकल जाता है और वापस आकर उसे अपना वाहन नहीं मिलता है। वहीं चोर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, किसी बैंक या स्कूल-कॉलेज के बाहर लगे वाहनों पर ही हाथ साफ करते हैं।
यहां छुपाते हैं चोरी के वाहन
सूत्रों से यह भी पता चला है कि चोर अधिकतर चोरी किए वाहनों को तुरंत बेचने की तलाश में रहता हैं, लेकिन कई बार जब उसे उस वाहन का कोई खरीदार नहीं मिलता तो वह उस वाहन को किसी महफूज जगह पर छिपा देता है और ग्राहक मिलने पर वह उसे बेच देता है। अधिकतर चोर इन वाहनों को छिपाने के लिए या तो अपने किसी अड्डे पर पहुंचाते हैं। अगर उनका कोई अड्डा नहीं होता तो वह इन वाहनों को किसी अस्पताल, बस स्टैंड या स्टेशन की पार्किंग में लगाकर चला जाता है और पार्किंग वाले को कोई बहाना बनाकर उसे पार्किंग शुल्क देता रहता है और जब कोई ग्राहक मिलता है तब उसे बेच देता है।
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कोट्स
सीआईए स्टाफ की सिविल ड्रेस में ड्यूटी लगाई जा रही है। कैंट के कुछ स्थानों इंदिरा पार्क, निकलसन रोड, महेश नगर क्षेत्र, जगाधरी गेट क्षेत्रों को टारगेट किया गया है। यहां नगर निगम से सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे। अभी पुराने व बाहर घूम रहे वाहन चोरों पर नजर है। पिछले दिनों पकड़े वाहन चोर गिरोह के अनुसार वे गाड़ियां चोरी कर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड इत्यादि जगहों पर छोड़कर चले जाते थे। पार्किंग स्टैंड वालों को बताया जा रहा है कि पिछले 15-20 दिन से कोई वाहन खड़ा है तो पुलिस को सूचित करें।
-सुरेश कौशिक, डीएसपी।
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