लालकुर्ती बाजार में गिरा तीन मंजिला भवन, रोड बंद, तार टूटने से बिजली आपूर्ति ठप
फोटो नंबर : 9, 10, 11 व 12
-हादसे के समय भवन में काम कर रहे थे मजदूर, बाल-बाल बचे
-मामले को लेकर भवन मालिक और अन्य दुकानदारों में हुई बहस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। संकरे बाजार लालकुर्ती में सोमवार दोपहर वर्षों पुराना तीन मंजिला भवन भरभराकर गिर गया। हादसे के समय भवन में मजदूर काम कर रहे थे, जो बाल-बाल बच गए। मलबा भवन के सामने वाली सड़क पर और कुछ दुकानों और प्रथम तल पर स्थित घर के छज्जे पर गिर गया। मलबा गिरने से जोरदार आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। साथ ही घरों में मौजूद लोग भी बाहर निकल आए। लोगों ने प्रशासन और पुलिस को मामले की जानकारी दी। एक दुकानदार ने सामान क्षतिग्रस्त होने पर भवन मालिक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद दोनों पक्षों में लालकुर्ती पुलिस चौकी में ही विवाद हो गया। बाद में दोनों पक्षों में सहमति बन गई। उधर, मलबा गिरने की वजह से रात तक लालकुर्ती सड़क बाधित रही, जबकि बिजली आपूर्ति भी क्षेत्र में ठप हो गई।
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर भवन मालिक राहुल लालकुर्ती स्थित अपने पुराने रिहायशी भवन को तुड़वा रहे थे। इसी भवन के ठीक साथ एक नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य चलने की वजह से इस पुराने भवन के भी गिरने का खतरा था। इसी को लेकर राहुल अपने तीन मंजिला भवन को गिराने का काम करा रहे थे। लालकुर्ती मुख्य बाजार के चौक के पास स्थित इस भवन को गिराने के लिए रास्तों पर अवरोधक लगा दिए गए थे। दोनों ओर से रास्ता बंद करके भवन गिराने का काम किया जा रहा था। योजना थी कि एक-एक करके सुरक्षित तरीके से निर्माण को गिराया जाए, मगर दोपहर करीब ढाई बजे एकाएक पूरा भवन ही गिर गया। हालांकि, उस समय कोई मजदूर भवन में अंदर नहीं था। भवन का मलबा सामने वाली दुकानों के अंदर भी पहुंचा। इससे दुकानों का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। जोरदार आवाज होते ही पूरा बाजार मौके पर इकट्ठा हो गया। मलब गिरने से सड़क से गुजर रहे बिजली तार टूट गए। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही लालकुर्ती चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची।
लालकुर्ती चौकी में हुई बहस
भवन का मलबे से दुकान का सामान क्षतिग्रस्त होने को लेकर दुकानदार ने राहुल के खिलाफ लालकुर्ती चौकी में शिकायत दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाया। यहां भी दोनों पक्षों में बहस हो गई। एक पक्ष नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा था, जबकि इसी बीच विवाद बढ़ गया। मामले को मौके पर मौजूद मौजिज लोगों ने संभाला, जिसके बाद लोग शांत हुए। चौकी प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में फिलहाल समझौता गया है।
दशकों पुराना था भवन
जिस भवन का ढांचा गिरा, वह दशकों पुराना था। यही वजह थी कि हलकी सी दीवार जब गिराने की कोशिश की गई तो पूरा ढांचा ही नीचे आ गया। संयोग से हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।