अंबाला सिटी। सेफ हाउस में पहुंचे जोड़े ने दुख-दर्द साझा किया तो महिला मुलाजिम ने बदसलूकी शुरू कर दी। गालियां देते हुए हाथापाई पर उतरी तो सहयोगियों ने बीच-बचाव कराया। इसी दौरान दूसरे जोड़ने ने वीडियो बनाकर एसपी और अन्य अधिकारियों को सांझा कर दी। हड़कंप मचते ही आनन-फानन में महिला थाना प्रभारी मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पीड़ित पक्ष महिला मुलाजिम का दूसरे जिले में तबादले पर अड़े थे। समझौता होने के कारण पीड़ित पक्ष ने शिकायत नहीं की। इसी आलाधिकारियों ने कोई निर्णय नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार मुलाना थानाक्षेत्र वासी दीपक ने 10 दिसंबर को कोर्ट मैरिज की थी। परिजनों से जान का खतरा बताकर उन्होंने कोर्ट से सुरक्षा ली। जोड़े को सेफ हाउस में शरण दी गई थी गई। रविवार शाम पत्नी को पत्नी को पेटदर्द हुआ तो दीपक ने इस बारे एसआई ईश्वर सिंह से शिकायत की। सेफ हाउस में मौजूद दूसरे जोड़े पंकज के अनुसार स्टाफ ने कहा कि टेबलेट से काम चल जाएगा या फिर अस्पताल जाना पड़ेगा। दर्द ज्यादा होने की शिकायत पर उन्होंने महिला मुलाजिम को बुला लिया। मौके पर पहुंचते ही महिला मुलाजिम ने कहा कि क्या तकलीफ है, यहां क्या पिकनिक मनाने आते हो तो दीपक ने इसका विरोध करते हुए वकील से बात करने की की। बस फिर क्या था उसने कुछ नहीं सुना और गालियां देनी शुरू कर दी। दोनों को मारने को उतारू हो गई। अचानक हुई घटना से हड़कंप मच गया। सहयोगी स्टाफ ने बमुश्किल बीच-बचाव कराया।
दीपक के अनुसार वीडियो वायरल करने के बाद महिला थाना प्रभारी सुनीता ढाका मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया। पीड़िता जोड़ा चाहता था कि महिला कर्मी को दूसरे जिले में ट्रांसफर किया जाए लेकिन गलत फहमियां दूर करा दी गई। इंस्पेक्टर सुनीता के अनुसार कुछ गलतफहमी हुई थी, जिन्हें दूर करा दिया गया है।