अंबाला। पीपीई किट की सप्लाई का कारोबार करने वाली दिल्ली की मैसर्ज ऑर्चिड कॉरपोरेट सर्विसेज धोखाधड़ी के मामले में फंस गई है। महेशनगर पुलिस ने उसके खिलाफ साजिशन ठगी का मामला दर्ज किया है। कंपनी पर धोखे से पीपीई किट पर दूसरी कंपनी के लोगो के इस्तेमाल के साथ अधर में ही टेंडर कैंसिल करने का आरोप है। कैंट के विकास पुरी सांई बाबा मंदिर रोड पर स्थित माइक्रोटेक्निक फर्म के मालिक विकास जैन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बताया कि साइंस उपकरण बनाने के साथ ही वे पीपीई किट का निर्माण भी करते हैं। 13 अप्रैल को दिल्ली की मैसर्ज ऑर्चिड कॉरपोरेट सर्विसेज की ओर से उन्हें 30 हजार पीपीई किट तैयार करने का ऑर्डर दिया था। 775 रुपयेे प्रति किट के हिसाब से पूरा ऑर्डर तमाम खर्च सहित 2 करोड़ 44 लाख 12 हजार 500 का था। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन को इन किट्स की सप्लाई होनी थी। जैन ने बताया कि सभी शर्तें तय होने के बाद उनकी फर्म ने पीपीई किट का निर्माण शुरू कर दिया था।
1200 रूपये के हिसाब से होनी थी किट सप्लाई
यह 30 हजार किट स्वास्थ्य विभाग को 1200 रुपये प्रति किट के हिसाब से सप्लाई होनी थी। मैसर्ज ऑर्चिड को इसकी एवज में 3 करोड़ 60 लाख रुपये की पेमेंट होनी थी। शर्तों के मुताबिक मैसर्ज ऑर्चिड कंपनी की ओर से एडवांस के तौर पर उन्हें 35 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। इसके बाद माइक्रोटेक्निक की ओर से मैसर्ज ऑर्चिड को 4800 किट्स की शुरुआती सप्लाई भेज दी। इसके बदले में 45 लाख 10 हजार 800 रुपये के लिए कंपनी को बिल भेजा गया। 35 लाख पहले लिये जा चुके थे तो इसीलिए जैन ने 10 लाख 10 हजार 800 रुपये का भुगतान का आग्रह कंपनी से कर दिया। जैन ने बताया कि उन्होंने कंपनी का ऑर्डर पूरा करने के लिए पीपीई किट्स का निर्माण शुरू कर दिया। कुछ समय बाद ही उन्हें पता चला कि मैसर्ज ऑर्चिड की ओर से उनकी फर्म के नाम की पीपीई किट्स किसी अन्य फर्म से खरीदकर आगे सप्लाई कर दी। जबकि उनके ऑर्डर को साजिशन कैंसिल करने के लिए जानबूझकर उनकी क्वालिटी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। माइक्रोटेक्निक की ओर से स्वास्थ्य विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों को भी इस धोखाधड़ी से अवगत करवाया गया। बताया कि उनकी कंपनी के लोगो के नाम पर घटिया पीपीई किट सप्लाई की गई है।