सेंट्रल जेल से पैरोल पर आए चाचा गुरमेज सिंह की हत्या कर फरार हुए भतीजे मनजिंद्र सिंह मन्नी व दोस्त संदीप सिंह ने बुधवार को अदालत के में सरेंडर कर दिया था। अब सीआईए ने हत्या में इस्तेमाल तेजधार हथियारों को बरामद करने के लिए आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। अभी इस मामले में पुलिस को कई आरोपियों की तलाश है। आरोपियों ने अपने भाई की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे गुरमेज सिंह को उसके भतीजे मनजिंद्र सिंह मन्नी ने बेरहमी से कत्ल करने की साजिश रची थी। आरोपियों ने हत्या से पहले गुरमेज सिंह को एक कार से टक्कर मारी ताकि वह भाग न सके। इसके बाद आरोपियों ने बेरहमी से तेजधार हथियारों से उसके सिर व दूसरे अंगों पर घातक वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
चाकू मार कर की थी भाई की हत्या
जमीनी विवाद को लेकर गुरमेज सिंह ने कुछ साल पहले अपने भाई रणवीर सिंह की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। बताते हैं कि इस मामले में पारिवारिक सहमति हो गई थी। मगर इसके बावजूद अदालत ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर गुरमेज सिंह को उम्रकैद की सजा सुना दी थी। पैरोल पर आने के बाद गुरमेज के भतीजे मनजिंद्र उर्फ मन्नी से किसी बात को लेकर बहस हो गई। जिसको लेकर उसकी हत्या की गई। इस मामले में पुलिस ने अभी छह आरोपियों को नामजद किया है। अभी पुलिस को इस मामले में मन्नी के मां-बाप, पत्नी व बहन की तलाश है। यह चारों आरोपी फरार बताये जा रहे हैं।
मुख्य आरोपी मनजिंद्र उर्फ मन्नी के साथ उसके दोस्त संदीप को हिरासत में लिया है। आरोपियों ने अदालत में सरेंडर किया था। आरोपियों ने हत्या से पहले गाड़ी से गुरमेज को टक्कर मारी थी ताकि उसे भागने का मौका न मिले। टक्कर के कारण ही उसकी दोनों टांगें टूट गई थी। इसके बाद तेजधार हथियारों से उसका कत्ल कर दिया गया। आरोपियों ने शुरूआती पूछताछ में यह बात स्वीकार कर ली है।
- गुरदर्शन सिंह, जांच अधिकारी, सीआईए स्टाफ-2