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बसपा नेता राजेश चनालिया व कमलेश पर 90 लाख की ठगी का दूसरा मामला दर्ज

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सेना की मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में नौकरी दिलवाने के नाम पर 11 युवकों से 90 लाख की ठगी करने के आरोप में बसपा नेता राजेश चनालिया व उसकी मां कमलेश के खिलाफ अब कैंट पुलिस ने धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज किया है। इस केस में पुलिस ने राजेश के पिता सुरेश कुमार, पंजाब पुलिस के हवलदार रामपाल व इसके पिता भाग सिंह को भी आरोपी बनाया है। इससे पहले वीरवार को कुल 1.46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में चनालिया और उसकी मां को गिरफ्तार किया था। दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस मामले में संलिप्त दूसरे आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
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क्या है मामला
जग्गी कालोनी निवासी रामनिवास ने 9 दिसंबर 2019 को थाना नग्गल में शिकायत देकर जग्गी कालोनी के ही रामपाल भाग सिंह, टुंडला के राजेश चनालिया व उसकी मां कमलेश पर उसके दो बेटों को एमईएस में क्लर्क लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया था। लेकिन पैसे लेने के बाद आरोपियों ने दोनों की फर्जी नियुक्ति के साथ पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए थे। इसके बाद आरोपियों ने रामनिवास के रिश्तेदार रोमित कुमार से आठ लाख, विनय कुमार से 12 लाख, प्रवीण कुमार से 14 लाख, नीरज कुमार से 8 लाख व तुषार से भी 8 लाख रुपये ठग लिए थे। इनको भी आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति व पहचान पत्र देकर जल्द ही एमईएस में ज्वाइनिंग की बात कही थी। परंतु किसी को न तो किसी को नौकरी मिली न ही उनके पैसे वापस मिले। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को बीते रोज गिरफ्तार कर लिया था।
30-35 युवकों की कमलेश रोज लेती रही हाजिरी
कैंट पुलिस द्वारा आरोपी राजेश चनालिया मां कमलेश पिता सुरेश व रामपाल तथा भाग सिंह के खिलाफ दर्ज ठगी के मामले में परिवादी सुनील ने कुमार ने फिर आरोप दोहराए। उसने बताया कि आरोपियों ने उसके बेटे विशाल को एमईएस में ड्राइवर भर्ती करवाने के लिए पहले 5.92 लाख रुपये लिए थे। सुनील ने बताया कि उसने यह रकम अपना मकान बेचकर आरोपियों को दी थी। तब कमलेश को एमईएस की हेड क्लर्क बताया गया था। पैसे लेने के बाद उसके बेटे को ड्राइवर पद पर नियुक्ति व पहचान पत्र भी दिया गया था। लेकिन कुछ दिन बाद ही आरोपियों ने उसके बेटे विशाल को क्लर्क भर्ती करवाने की बात कही। इसके लिए उससे 4.10 लाख की अतिरिक्त डिमांड की। सुनील ने बताया कि बेटे की नौकरी के लिए उसने पूरे पैसे दे दिए। उसने खुलासा किया कि पूरे पैसे लेने के बाद फिर उसके बेटे को फर्जी नियुक्ति व पहचान पत्र थमा दिया। एमईएस ऑफिस के बाहर रोज सड़क पर 30-35 युवकों की कमलेश खुद हाजिरी लेती रही। विशाल को दो महीने 24-24 हजार रुपये का वेतन के तौर पर भुगतान भी किया गया। सुनील के बाद आरोपियों ने यमुनानगर के हरनौल वासी संजीव कुमार पुत्र शिवराम भटौली गांव के नवजोत सैनी पुत्र धर्मपाल, मुकेश सैनी पुत्र जगमाल सैनी, अजय सैनी पुत्र जसपाल सिंह अंबाला के सवाना गांव के सुशील कुमार पुत्र धर्मपाल सैनी, यमुनानगर के कैल गांव के अनिल कुमार पुत्र रामेश्वर कैथल के चुहड़माजरा गांव के सुरेश कुमार पुत्र पृथ्वी सिंह, बब्याल के प्रविंद्र सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह, मोहाली के खेलन गांव के वीरेंद्र पुत्र जगपाल सिंह को भी आरोपियों ने नौकरी का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया। आरोपियों ने इन सभी से करीब 90 लाख रुपये की ठगी की। सभी को क्लर्क व दूसरे पदों की नौकरी देने के लिए फर्जी पहचान पत्र दिए थे।
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