हत्या के मामले में मोस्ट वांटेड जगप्रीत सिंह उर्फ प्रीत को पुलिस ने 50 हजार का ईनाम बदमाश घोषित किया है। पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने भी प्रीत को इनामी बदमाश घोषित करने पर सहमति दे दी है। प्रीत करीब छह महीने से फरार चल रहा है। हालांकि इस मामले में उसके साथियों को पुलिस काबू कर चुकी है।
फरार चल रहे बदमाश जगप्रीत सिंह उर्फ प्रीत ने 31 जुलाई 2019 को गांधी मार्केट में जेल में बंद गैंगस्टर रणदीप राणा के पिता रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर सतविंद्र सिंह उर्फ काका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब काका के बेटे जगदीप सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर पिता की हत्या का आरोप जगप्रीत उर्फ प्रीत के अलावा दर्शन सिंह, सिंदा, भारती व अन्य पर लगाया था। वारदात गांधी मार्केट में करीब नौ बजे अंजाम दी गई थी। गोली लगने के कारण सतविंद्र सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में शामिल कर्ण वासुदेव, ऋषभ उर्फ बॉबी व दर्शन सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। मगर आरोपी जगप्रीत उर्फ प्रीत अभी तक फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से कोशिश कर रही है।
पिता की हत्या का लिया था बदला
सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर रणदीप राणा व मोस्ट वांटेड अपराधी जगप्रीत सिंह उर्फ प्रीत के बीच खूनी रंजिश चल रही है। 2013 में पहले जगप्रीत के पिता एवं सरसेहड़ी गांव के पूर्व सरपंच गुरपाल सिंह उर्फ पाला का अपहरण के बाद बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। तब गुरपाल का शव धड़ से अलग मिला था। बेरहमी से उसका गला व दूसरे अंग काटकर हत्या की गई थी। उस समय पुलिस ने गैंगस्टर रणदीप राणा समेत उसके कई सहयोगियों को गुरपाल की हत्या के मामले में नामजद किया था। पिता की मौत का बदला लेने के लिए ही जगप्रीत ने रणदीप के पिता सतविंद्र सिंह उर्फ काका की हत्या की थी।
मोस्ट वांटेड अपराधी जगप्रीत उर्फ प्रीत को पुलिस पकड़ने की हर संभव कोशिश कर रही है। अभी तक उसे काबू नहीं किया जा सका। इसी वजह से उसे पर अब पुलिस ने 50 हजार रुपये ईनाम घोषित किया है। आरोपी की सूचना देने वाले का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा।
अभिषेक जोरवाल, एसपी, अंबाला