स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देती विश्व संगठन की टीम सदस्या।
अंबाला सिटी। शहर नागरिक अस्पताल में बनाए मदर्स एंड चाइल्ड स्पेशल केयर यूनिट (एमएसएनसीयू) में सीपेप मशीनों पहुंच गई है। इसके शुरू होने के बाद नवजातों को जन्म के बाद सांस लेने की दिक्कत का इलाज किया जाएगा। नवजातों को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर नहीं करना होगा।
सिटी नागरिक अस्पताल को फिलहाल पांच मशीनें मिली है। जिनमें से तीन विश्व स्वास्थ्य संगठन और दो मशीनों भारत सरकार की ओर से मिली है। इन मशीनों को चलाने के लिए साेमवार को स्वास्थ्य अनुसंधान और विकास केंद्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से टीम अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में पहुंची।
टीम की ओर से सिटी नागरिक अस्पताल के स्टाफ व चिकित्सकों को इस मशीन को चलाने के बारे में प्रशिक्षण भी दिया गया। यह प्रशिक्षण दो जुलाई को भी दिया जाएगा। इसके साथ ही चार जुलाई को यूके से विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य भी वीसी के माध्यम से कैथल, पंचकूला और अंबाला में प्रशिक्षण देंगे।
सांस लेने में मिलेगी मदद
एमएसएनसीयू के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तरुण ने बताया कि इस मशीन से जिन बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है। उन्हें ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाएगी। यह मशीनों यूके से भारत में पहुंची है। इन मशीनों में स्थानीय ऑक्सीजन को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में जो मशीनें है उनमें ऑक्सीजन में नमी बनाने की क्षमता नहीं है। इसलिए इन मशीनों को यूके से खरीदा गया है। एमएसएनसीयू में नवजात के साथ माता को रखने से नवजातों की मृत्यु दर में 25 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिलेगी। इसी लक्ष्य को लेकर यह एमएसएनसीयू बनाने शुरू किए हैं। एक मशीन की कीमत लगभग तीन लाख रुपए है।
ये रहे टीम में शामिल
आज के प्रशिक्षण में स्वास्थ्य अनुसंधान और विकास केंद्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से डॉ. हरीश चिलानी, प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. वीके आंनद, डॉ. तरुण, डॉ. शर्मिला कार्यक्रम की प्रधान नियंत्रक अधिकारी, डॉ. सूक्ष्म जैन के साथ अंबाला स्वास्थ्य विभाग से डॉ. पवनीश अग्रवाल और डॉ. चोपड़ा मौजूद रहे।