अंबाला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी तजिंदर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने माना कि मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। यह मामला 30 जनवरी 2026 को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता अमित कुमार, जो एक कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करता है, ने आरोप लगाया था कि जब वह मोटरसाइकिल से सामान देने जा रहा था, तब आरोपी अमन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। इसके बाद अमन ने अपने पिता तजिंदर सिंह को फोन कर बुला लिया। आरोप है कि तजिंदर सिंह ने अमित का कॉलर पकड़ लिया, जबकि उसके बेटे अमन ने अमित के सिर पर शीशे और ईंट से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अमित को उसके साथी ने सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में भर्ती कराया था।
सुनवाई के दौरान तजिंदर सिंह के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है और उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि तजिंदर जांच में शामिल होने को तैयार हैं। सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान आरोपी की संलिप्तता पाई गई है। उन्होंने तर्क दिया कि वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल अभी बरामद की जानी बाकी है और आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ अनिवार्य है। सुनवाई के दौरान अदालत में घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज भी देखी गई, जो शिकायतकर्ता के दावों का समर्थन करती है। पुलिस द्वारा पेश की गई तस्वीरों में शिकायतकर्ता के सिर पर लगे कई टांके भी गंभीर चोट की पुष्टि कर रहे थे।