अंबाला सिटी। कमल विहार में संदिग्ध परिस्थितियों में दंपती की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कमल विहार निवासी संजय जोशी और पारुल जोशी के रूप में हुई है। इस घटना का खुलासा एक दिन बाद तब हुआ जब दंपति के परिजन फोन न लगने पर घर पर पहुंचे। यहां घर के मुख्य गेट पर ताला जड़ा मिला। इसके बाद पारुल के मामा कृष्ण कुमार किसी तरह से घर में दाखिल हुए तो देखा दंपति का शव अलग-अलग कमरों में पड़े हुए थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस व अन्य परिजनों को सूचित किया। प्रारंभिक जांच में मामले को हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मृतक संजय फाइनेंस का काम करता था जबकि पारुल चंडीगढ़ स्थित विप्रो कंपनी में सॉफ्टवेयर डवलपर के पद पर कार्यरत थी। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया, एएसपी सृष्टि गुप्ता और पंचकूला से फोरेंसिक की टीम मौके पर पहुंच गई। इस मामले को लेकर एएसपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि अभी मामले की जांच जारी है। अभी तक कोई हथियार नहीं मिला है। वहीं पुलिस ने मृतकों के कपड़े, कप और प्रेस की तार अपने कब्जे में ली है। शाम साढ़े सात बजे मृतकों के शवों को सिटी नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
पारुल के पिता अंबाला छावनी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार रात को उन्होंने पारुल और संजय को संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन पूरी रात उनका फोन बंद रहा। इसके बाद उन्होंने अपने साले कृष्ण कुमार को पारुल के घर जाने को कहा था। जब कृष्ण कुमार पारुल के घर पहुंचे तो देखा कि घर के बाहर ताला लगा हुआ है। किसी तरह वह भीतर गए तो उन्हें दोनों के शव मिले। संजय का शव बाहर की ओर ड्राइंग रूम में था जबकि पारुल का शव बेडरूम में पड़ा मिला।
कैमराें के साथ डीवीआर भी ले गए हत्यारे
शुरूआती जांच में इस मामले को हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। पता चला है कि घर के बाहर दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे जो कि अब वहां पर नहीं हैं। कैमरों की डीवीआर भी आरोपी अपने साथ ले गए। घर का सामान भी ठीक- ठाक रखा हुआ था। जिस क्षेत्र में दंपति रहते थे वहां पर कम ही लोग रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें बारिश के कारण कुछ पता नहीं चल पाया।
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घर से कुछ चोरी नहीं हुआ
पुलिस ने जांच के दौरान पारुल की मौसी अरुण कुमारी को घर के भीतर बुलाया था। बाहर आने पर अरुण कुमारी ने बताया कि घर में पारुल के सभी जेवर मौजूद है। कुछ भी चुराया नहीं गया है। अलमारियाें पर भी ताला लगा हुआ था। मौसी ने आरोप लगाया है कि कोई उन्हें मारने ही आया था।
परिवार से अलग रहता था संजय
मृतक संजय के बड़े भाई महेश ने बताया कि वे पांच भाई थी। आठ वर्ष पहले उनके एक भाई की मौत हो चुकी है। अब संजय के मरने के बाद वे तीन ही रह गए हैं। महेश ने बताया कि संजय ने चार से पांच वर्ष पहले ही मकान बनाया था और अपनी पत्नी के साथ यहां पर रह रहा था। संजय की शादी को 15 वर्ष हो गए थे। लेकिन अभी तक कोई संतान नहीं थी। वह रेलवे रोड पर पहले मोबाइल का काम करता था। इसके बाद उसने फाइनेंस का काम शुरू कर दिया था। महेश ने बताया कि उनके माता- पिता दोनों की मृत्यु कई वर्ष पहले हो चुकी है। संजय भी उनके पास कम ही आता था।
मां का जन्मदिन था बुधवार को हुई थी बात
मृतका पारुल की माता नीता गुप्ता ने बताया कि वीरवार को उनका जन्मदिन था। बुधवार दोपहर को भी उनकी पारुल से बात हुई थी। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटी का आज ही आखिरी दिन होगा।
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