अंबाला। सुदेश रानी हत्याकांड मामले में महेश नगर थाना पुलिस ने पकड़े गए बब्याल के मनमोहन नगर निवासी दंपती जसमेर उर्फ लवली उर्फ कल्लू व पत्नी रजनी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। हत्या करने के इस्तेमाल की गई रॉड की बरामदगी व निशानदेही करवाने के लिए पुलिस ने कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया। आरोपी जसमेर इतना शातिर था कि 10 हजार रुपये के लिए हत्या करने के बाद भी उसके हाथ नहीं कांपे। अपने ही घर पर 12 घंटे तक बुजुर्ग के शव को कंबल से ढककर रखा। दंपती बाहर निकलने के बाद यह देखते रहे कि कोई सुदेश रानी की तलाश तो नहीं कर रहा। कुछ हुआ ही नहीं ऐसा साबित करने के लिए दोनों बाहर इधर-उधर जा रहे थे। दंपती ने पहले ही सोच लिया था कि रात के अंधेरे में किसी सुनसान क्षेत्र में जाकर बुजुर्ग को आग लगा देंगे। उसी को अंजाम देने के लिए ई-रिक्शा में शव रखने के बाद तीनों तरफ से पर्दे को ढक दिया था ताकि किसी की नजर न पड़े। महेश नगर थाना प्रभारी जितेंद्र का कहना है कि बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
लोगों को गुमराह करने के लिए ई-रिक्शा में आगे बैठकर गई थी पत्नी
इस हत्याकांड में महिला ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई। हत्या के बाद शव को जलाने के लिए ले जाते समय ई-रिक्शा के आगे बैठकर गई थी ताकि किसी को यह न लगे कि ई-रिक्शा कहां जा रहा है। मौका पाते ही नगला गांव के पास खेत में शव रखकर बुजुर्ग का थैला, मोबाइल आदि सारा सामान भी जला दिया था ताकि शिनाख्त ही न हो पाए। हत्या के बाद आरोपी दंपती बिना किसी को जिक्र किए आराम से घर से बाहर आ जा रहे थे। सीसीटीवी से सुराग मिलने के बाद पुलिस ने ई-रिक्शा चालक को बहाने से थाने में बुलाया था। बाद में पूछताछ शुरू की तो पहले वह गुमराह करता रहा। सख्ती बरतने पर खुलासा किया। आरोपी जसमेर के साथ रजनी की दूसरी शादी थी।