अंबाला सिटी। शहर के लोगों से कचरा प्रबंधन का छह वर्ष तक का बकाया टैक्स मांगने का मुद्दा गरमा गया है। शहर के लोग नोटिस मिलने पर नगर निगम में अधिकारियों और मेयर के पास पहुंच रहे हैं, मगर अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं। ऐसे में शहर के लोग अपने पार्षदों और निगम अधिकारियों के पास चक्कर काटने पर मजबूर हैं। इसको लेकर मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता को चिट्ठी लिखी है।
उन्होंने चिट्ठी के माध्यम से चेतावनी देते हुए कहा कि सात दिन के अंदर स्पष्ट निर्देश देकर पिछले वर्षों का बकाया कचरा प्रबंधन टैक्स लेना बंद कर दें, अन्यथा उन्हें शहरवासियों के लिए मजबूरन नगर निगम के विरुद्ध सांकेतिक हड़ताल पर जाना पड़ेगा। सचदेवा ने कहा कि छह साल की इस अवैध मांग को लेकर शहर के लोग सकते में हैं कि एकदम से नगर निगम ने टैक्स कैसे मांग लिया।
सचदेवा ने कहा कि निगम विभाग द्वारा एक बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया था कि जब भी कचरा प्रबंधन टैक्स लोगों से मांगा जाएगा तो वह केवल उसी साल का होगा, जिस साल उसकी मांग की जाएगी। सचदेवा ने कहा कि कानून अनुसार भी तीन साल से ज्यादा का टैक्स नगर निगम वैसे ही वसूल नहीं सकता।
जितने वर्ष से चल रहा कचरा प्रबंधन, उतने वर्ष का लिया जाएगा टैक्स : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त संगीता तेतरवाल ने कहा कि सरकार के निर्देश हैं कि जब से शहर में कचरा प्रबंधन चल रहा है, तब से इसका टैक्स लिया जाए। प्रदेश में कहीं पांच साल से कचरा प्रबंधन चल रहा है तो कहीं दो साल से। कचरा प्रबंधन टैक्स सिर्फ मौजूदा वर्ष का ही लिया जाए, इसको लेकर मुख्यालय के कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं। उनकी बीते शुक्रवार को मुख्यालय के साथ बैठक भी हुई थी। उसमें भी यह निर्देश दिए गए थे कि जिस शहर में जितने वर्ष से कचरा प्रबंधन चल रहा है, उतने वर्ष का ही टैक्स लिया जाए।