अंबाला। कोरोना ने विश्वभर में अपना कहर ढाया हुआ है। देश में करीब 80 लोग कोरोना से मारे गए हैं और करीब 3500 कोरोना से जूझ रहे हैं। वहीं 11 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 60 हजार से ज्यादा मौत। अलबत्ता हर कोई कोरोना के खौफ में जी रहा है। लेकिन कोरोना के चलते कुछ अच्छा भी हो रहा है जिसकी चाहकर भी अभी तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। क्राइम के साथ-साथ प्रदूषण को कोरोना ने पूरी तरह से कंट्रोल कर लिया है। हालात यह हैं कि अंबाला के प्रमुख 13 थानों में 12 दिनों में करीब 56 केस दर्ज हुए। इनमें भी कोई बड़ी वारदात शामिल नहीं है। छोटी मोटी चोरी, चैन स्नेचिंग इत्यादि हुई हैं। इससे पहले इस साल के पहले 85 दिनों में 2083 एफआईआर इन्हीं थानों में दर्ज हुई। इनमें हत्या, लूट, हत्या के प्रयास और दुष्कर्म जैसे कई गंभीर मामले शामिल हैं। आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2020 से 25 मार्च तक जिले के इन थानों में औसतन दो केस दर्ज हुए। जबकि 26 मार्च से 5 अप्रैल तक औसतन इन्हीं थानों में 0.30 फीसद केस दर्ज हुए यानि हर तीसरे दिन प्रत्येक थाने में औसतन 1 केस।
इस तरह दर्ज हुए 25 मार्च से 5 अप्रैल तक थानों में केस दर्ज
थाने का नाम----12 दिनों में दर्ज हुए कुल केस
कैंट थाना---- 06
सिटी थाना---04
सदर थाना--- 04
बलदेव नगर--- 08
बराड़ा थाना--- 02
महेश नगर थाना--11
मुलाना थाना---04
नग्गल थाना---01
नारायणगढ़---04
साहा थाना--- 04
शहजादपुर----04
पंजोखरा थाना-- 02
पड़ाव थाना---- 02
थानों के साथ कोरोना ने सैनिटाइज किया पर्यावरण
एक ओर कोरोना से बचाव के लिए घर, दुकान, मकान, गली, मोहल्ले सभी को सैनिटाइज किया जा रहा है वहीं कोरोना ने क्राइम और पर्यावरण दोनों को सैनिटाइज कर दिया। अंबाला की बात करें तो 4 जनवरी को अंबाला का वायु गुणवत्ता सूचकांक 262 दर्ज किया गया था जबकि 4 फरवरी को 263 जोकि खतरे के सूचक हैं। लेकिन यह 4 मार्च को 130 हो गया और कोरोना के लॉक डाउन में 4 अप्रैल को 58 दर्ज किया गया जोकि बेहतर पर्यावरण का सूचकांक है। यानि हर तरफ से कोरोना के भय के चलते आबोहवा को दूषित से स्वच्छ हो गई। दूसरी तरफ अप्रैल के पहले सप्ताह में कम गर्मी का पिछले कई सालों का रिकॉर्ड टूट गया।
25 मार्च-----एक्यूआई 53
26 मार्च-----एक्यूआई 58
27 मार्च-----एक्यूआई 60
28 मार्च----एक्यूआई 36
29 मार्च----एक्यूआई 39
30 मार्च----एक्यूआई 48
31 मार्च-----एक्यूआई 57
1 अप्रैल-----एक्यूआई 48
2 अप्रैल-----एक्यूआई 53
3 अप्रैल----एक्यूआई 42
4 अप्रैल-----एक्यूआई 53
5 अप्रैल-----एक्यूआई 58
कहां-कहां कोरोना ने किया सुधार
गंदगी के ढेर गायब
वायु प्रदूषण खत्म
ध्वनि प्रदूषण खत्म
ग्लोबल वार्मिंग समस्या खत्म
क्राइम न के बराबर
सड़क हादसे रुके
न केवल वायु प्रदूषण बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी पूरी तरह से नियंत्रित हो गया है। न बाजारों में जाम लगते न कारखानों का धुआं उठता। शहरों में कचरों में लगने वाली आग भी बंद हो गई। कचरा बाजारों से गायब हो गया। अब तो सभी सड़कें और गलियां चकाचक हो गई हैं। इसी कारण पूरा पर्यावरण सैनिटाइज हो गया। इसका मतलब यह है कि यदि हम चाहें तो सब कुछ कर सकते हैं। यह आम दिनों में भी किया जा सकता। यदि कचरा हम फेंकेंगे ही नहीं तो गंदगी कैसे होगी। वास्तव में यहां से सभी को सबक लेना चाहिए।
नरेश भारद्वाज, पर्यावरणविद।