लॉकडाउन खुलते ही जिले में कोरोना की स्थिति गंभीर हो गई। अकेले अंबाला में पिछले तीन दिन में ही कोरोना संक्रमित 14 मरीज मिले हैं। वीरवार तक कोरोना वायरस से ग्रस्त मरीजों की संख्या 28 हो गई। लगातार बिगड़ रही स्थिति से स्वास्थ्य अधिकारी भी परेशान हैं। इसके लिए सीधे तौर पर दिल्ली-मुंबई से आ रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में जो केस पॉजिटिव पाए गए हैं उनमें 80 फीसदी दिल्ली से आए हैं। अब ऐसे लोगों की सूचना के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस से मदद मांगी है। हालांकि विभाग ने पहले से ही ये जिम्मेदारी इलाके की आशा वर्कर्स, एएनएम व जीएनम समेत दूसरे स्टाफ को सौंपी हुई है। परंतप पुख्ता सूचनाएं न मिलने की वजह से अब पुलिस की मदद लेने का निर्णय लिया है। बाहर से आने के बाद जानबूझकर जांच न करवाने वालों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज करवाने का निर्णय लिया गया है।
रोजाना 7 की औसत से बढ़ रहे हैं केस : अनलॉक-वन में अब रोजाना 7 की औसत से कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अभी तक जिले में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या 70 हो चुकी है। लॉकडाउन की वजह से दिल्ली-मुंबई में फंसे लोग वापिस आने शुरू हो गए। यही लोग अब सबसे बड़ा खतरा बन रहे हैं। डिस्ट्रिक होम क्वारंटीन ऑफिसर डॉक्टर राजिंद्र राय कहते हैं कि लॉकडाउन तक यहां कोरोना की रफ्तार कमजोर हो गई थी। बेशक बीच में एक साथ 20 से ज्यादा मामले भी आए लेकिन तब भी स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी। अब दिल्ली-मुंबई रिटर्न लोग धीरे-धीरे वापिस लौट रहे हैं। अगर बाहर से लोग आकर चुपचाप घर बैठ जाएंगे तो पॉजिटिव मामलों की रफ्तार और तेजी से बढ़ेगी। हालात पर तभी काबू पाया जाएगा जब बाहर से आने वाला व्यक्ति खुद आकर अपनी जांच करवाएगा।