अंबाला। कोरोना वैक्सीन का सभी को बेसब्री से इंतजार है लेकिन लगातार मौसम में हो रहे बदलाव से भी कोरोना मरीजों की संख्या में फिर से बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की तरह अब एक बार फिर से रेलवे ने भी इस आपात स्थिति से निपटने के लिए आईसोलेशन कोच की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का काम शुरू कर दिया है ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में प्रशासन की मदद की जा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से बंद पड़े आईसोलेशन कोच की हफ्ते में एक बार सफाई करवाई जा रही है।
दरअसल रेलवे ने स्लीपर कोच को आईसोलेशन वार्ड में बदला है। इसमें टॉयलेट पैन को बंद करके दो शौचालय को बाथरूम में परिवर्तित किया गया है। हाथ साफ करने व नहाने की व्यवस्था है। प्रत्येक बाथरूम में एक बाल्टी और मग रखा गया है। रोगी के बेड की मध्य बर्थ को हटाया गया है। वहीं प्लाईवुड लगाकर डिब्बे के निचले हिस्से को बंद किया गया है। प्रत्येक कोच में चार बेड ऐसे बनाए हैं, जिसमें ग्लूकोज चढ़ाने की भी व्यवस्था है। चिकित्सा उपकरणों के लिए प्रत्येक कोच में 220 वाट की इलेक्ट्रानिक सर्किट लगाई गई है। प्रत्येक डिब्बे में पर्दे लगाए गए हैं। बता दें कि लॉक डाउन में तैयार इन कोच का अभी तक कोई इस्तेेमाल नहीं हुआ था लेकिन रेलवे ने इनमें व्यवस्था को अभी तक कायम किया है।
8 लाख से तैयार 16 कोच
कोरोना मरीजों के उपचार के लिए लगभग 8 महीने पहले 16 आईसोलेशन कोच तैयार किए गए थे। प्रत्येक कोच को मॉडिफाई करने में और जरूरी उपकरण लगाने में लगभग 50 हजार प्रति कोच के हिसाब से खर्चा आया।
कोच को अस्पताल की तरह ही इस्तेमाल करने के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। दस कोच को जोड़कर एक ट्रेन वॉशिंग लाइन में खड़ी कर दी गई। इसके नजदीक ही 6 अतिरिक्त कोच भी खड़े हैं। प्रत्येक कोच में 8 आईसोलेशन वार्ड यानी 9 बेड तैयार किए गए। प्रत्येक वार्ड में आपातकालीन स्थिति में एक मरीज को रखा जा सकता है।
कोरोना संक्रमण को लेकर हालात पर नजर रखी जा रही है। अगर प्रशासन कोच की डिमांड करता है तो उन्हें तुरंत कोच उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। अगर अतिरिक्त आईसोलेशन कोच की जरूरत होगी तो 24 घंटे में ही कुछ और कोच भी तैयार कर दिए जाएंगे। अंबाला में खड़े कोच का पूरी तरह से रख-रखाव हो रहा है। अधिकारी खुद कोच का मुआयना करते हैं।
-पंकज गुप्ता, एडीआरएम अंबाला।