अंबाला। पीपीई किट में डॉक्टरों की टीम कोरोना टेस्ट के सैंपल लेने के लिए गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में पहुंची तो छात्रों में भगदड़ मच गई। हालात यह बन गए कि 10 फीट ऊंची दीवार और ग्रिल को छात्र फांदकर भागते हुए नजर आए।
यह नजारा बुधवार को छावनी के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में उस समय देखने को मिला जब सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना टेस्टिंग के लिए दस्तक दी। छात्राएं प्रिंसिपल रूम के ठीक बाहर बैठीं हुईं थीं वो तो कोरोना टेस्ट करवाने के लिए तैयार हो गई लेकिन जो छात्र पिछले हाल, मैदान या फिर क्लास रूम में थे वो बचने के लिए डर से वहीं दुबक कर बैठ गए।
इतना ही नहीं अधिकतर छात्र व छात्राएं तो टेस्ट बचने के लिए 10-10 फीट ऊंची दीवार व ग्रिल को फांदकर कॉलेज से भागती हुई दिखाई दी। टेस्ट की प्रक्रिया से निकलते समय अधिकतर छात्रों के आंसू तक छलकने लगे। स्टाफ व उनके साथी संभालते हुए नजर आए। इतना ही नहीं दूसरों को कोविड-19 के चलते सावधानी बरतने का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक भी अपनी-अपनी कारों के अंदर समय से पहले ही वहां से निकलते हुए दिखाई दिए।
कार्यवाहक प्रिंसिपल व उनका बेटा भी संक्रमित
गवर्नमेंट पीजी कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल व उनका बेटा भी कोरोना की चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें घर पर ही क्वारंटीन कर दिया। यही कारण है कि अब कॉलेज का जिम्मा संजय शर्मा को बतौर कार्यवाहक प्रिंसिपल के तौर पर दिया गया है। उनका कहना था कि उन्हें मौखिक तौर पर जानकारी मिली है कि प्रिंसिपल व उनका बेटा संक्रमित है। इतना ही नहीं कॉलेज खुलने के बाद मॉस कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट से भी दो से तीन छात्र संक्रमित हो चुके हैं।
क्यों दीवार फांदने की आई नौबत
स्वास्थ्य विभाग की टीम के कॉलेज में दाखिल होते ही छात्र मुख्य गेट से बाहर की तरफ भागने लगे। ऐेसे में स्टाफ ने छात्रों की बिना टेस्टिंग के बाहर जाने पर रोक लगा दी। यही कारण था कि जब गेट पर गार्ड तैनात होने व मुख्य गेट बंद दिखा तो छात्र व यहां तक कि छात्राएं भी कॉलेज मैदान के पीछे बने सार्वजनिक शौचालय की दीवार को फांदकर भाग गए। यही सिलसिला करीब एक से डेढ़ घंटे तक चला। दीवार फांदते समय कुछ छात्रों के कपड़े भी ग्रिल में फंस भी फट गए बावजूद वह रुके नहीं।
स्टाफ व गार्ड से टेस्टिंग न करवाने के लिए उलझते दिखे छात्र
कई छात्र व छात्राएं बिना टेस्टिंग के कॉलेज से बाहर जाने के लिए गार्ड व स्टाफ तक से भीड़ गई। छात्रों का कहना था कि यह उनका अधिकार है कि वह टेस्टिंग करवाएंगे कि नहीं। कुछ छात्र ने अपने अभिभावकों से पूछकर आने का भी तर्ज दिया। एक छात्र ने तो तीखी बहस तक शुरू कर दी। जबकि कॉलेज के अंदर ऐेसे हालात थे कि आम दिनों से ज्यादा बच्चे बिना किसी सोशल डिस्टेंसिंग से बैठे व घूमते हुए दिखाई दे रहे थे।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर से जगा स्वास्थ्य विभाग
गवर्नमेंट कॉलेज के अंदर महज प्रैक्टिकल वर्क की अनुमति के बावजूद बीए व बीकॉम की रुटीन कक्षाएं लग रही थी। अमर उजाला ने मंगलवार यानी 3 दिसंबर को कॉलेज का दौरा कर प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया कि कोविड-19 के तहत मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं। भारी संख्या में छात्र कालेज पहुंच रहे हैं।
corona- फोटो : Ambala
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