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डॉक्टरों की लापरवाही से पिता के अंतिम संस्कार को तरसा बेटा नहीं दे पाया अर्थी को कंधा

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अंबाला। डॉक्टरों की लापरवाही से एक बेटा अपने पिता की अर्थी को कंधा नहीं दे सका। डॉक्टरों ने रैपिड टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव बताकर कोविड 19 के नियमों के तहत उसके पिता का अंतिम संस्कार करवा दिया। जबकि उसके पिता की आरटीपीसीआर रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई है। पीड़ित बेटे ने इस मामले की शिकायत गृहमंत्री से किए जाने की बात कही है।
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मामला अंबाला छावनी के डिफेंस कॉलोनी से जुड़ा है। यहां रहने वाले पंकज शर्मा ने बताया कि वह वायुसेना से रिटायर्ड हैं। तीन दिन पहले उसके 70 वर्षीय पिता केदारनाथ शर्मा को बुखार के बाद कमजोरी महसूस हो रही थी। इसीलिए वह उन्हें मिलिट्री अस्पताल ले गए। जहां पर रैपिड किट टेस्ट हुआ तो उसमें उन्हें कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया। यहां से उन्हें अंबाला शहर स्थिति एक निजी अस्पताल जोकि पैनल में था वहां रेफर कर दिया गया। केदारनाथ शर्मा का जब आक्सीजन लेवल चेक किया गया था तो एमएच में शुरुआत में 64 था लेकिन आधे घंटे आक्सीजन के बाद लेवल 90 पर स्टैंड कर रहा था। इसके बाद वह चलकर अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर बने प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे जहां उन्हें रेफर किया गया। पंकज के आरोप हैं कि वहां पर जबरदस्ती उनके पिता को वेंटिलेटर पर रखा जाने लगा इसी कारण उनके पिता को हार्ट अटैक हो गया। पंकज ने डॉक्टरों पर आरोप लगाए हैं कि उसके पिता केदरानाथ शर्मा को पहले कोरोना पॉजिटिव बताकर उनका कोविड नियमों के अनुसार अंतिम संस्कार करवा दिया गया। लेकिन संस्कार के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट में कोरोना नेगेटिव आया। साथ ही डाक्टरी रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक पाया गया।
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इस मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी हिसाब से आगामी कार्रवाई की जाएगी। -कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन अंबाला।
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