नेपाल से लौटने पर मुझे हल्का सा बुखार था। गांव के डॉक्टर से दवाई ली तो बुखार ठीक हो गया। तब मुझे इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि मैं कोरोना वायरस से ग्रसित हूं। ट्रेवल हिस्ट्री के कारण खुद चलकर जांच के लिए अस्पताल में आया था। जब महामारी का पता चला तो एक बार लगा कि दुनिया खत्म हो गई, पर अस्पताल में मिले बेहतर उपचार और माहौल से मुझे हिम्मत मिली और मैं कोरोना को हराने में कामयाब रहा।
ये शब्द कोरोना को मात देकर पूरी तरह फिट हो चुके गुरप्रीत सिंह के हैं। यह युवक अंबाला में कोरोना का पहला पॉजिटिव केस था। उसकी दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी लेकिन तीसरी नेगेटिव आई है और चौथी बार सैंपल भेज दिया गया है। अब जैसे ही यह चौथी रिपोर्ट नेगेटिव आएगी उसे घर भेज दिया जाएगा। संभवत: गुरप्रीत को रविवार को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
फ्रेंडली माहौल से मिला मौत को हराने का जज्बा
पंजाब के रामनगर के रहने वाले 22 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने बताया कि नागरिक अस्पताल में उसे बेहतर उपचार के साथ बेहतर माहौल मिला। उसने कहा कि जब मुझे कोरोना होने का पता चला तो एक बार तो यह लगा था कि अब सब कुछ खत्म होने जा रहा है। मगर अस्पताल में स्टाफ के फ्रेंडली माहौल ने मुझे बीमारी से लड़ने की नई ताकत दी। कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद चिकित्सक व स्टाफ कर्मचारी मेरी सेहत पर लगातार नजर रखते रहे। मेरे खाने पीने का भी पूरा ख्याल रखा गया।
हौसलों से लड़ो खुद खत्म हो जाएगी बीमारी
कोरोना से लड़ाई लड़ रहे दूसरे मरीजों को भी गुरप्रीत ने हौसले से लड़ने की बात कही। उसने कहा कि अगर सभी मरीज बेखौफ होकर इस वायरस से लड़ेंगे तो जीत निश्चित है। उन्होंने कहा कि हौसले व जज्बे से किसी भी भयानक बीमारी को मात दी जा सकती है। मैं भी इसी दम पर मौत को मात देकर आया हूं। गुरप्रीत ने बताया कि उसकी वजह से परिवार व दूसरे लोगों को भी परेशानी हुई। इसका उसे बेहद दुख है।
गुरप्रीत पूरी तरह फिट, करने जा रहे हैं डिस्चार्ज
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह की ताजा कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। वह अब पूरी तरह फिट है इसलिए हम उसे डिस्चार्ज करने जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वे अंबाला में कोरोना के पहले मरीज की जान बचाने में कामयाब रहे।