माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नशीले इंजेक्शनों की तस्करी के मामले में आरोपी मोहम्मद शाकिर उर्फ रहमान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
2019 में जंडली पुल के पास पकड़ा गया था आरोपी
यह मामला 21 जनवरी 2019 का है। उस समय बलदेव नगर थाना पुलिस और सीआईए स्टाफ की टीम जंडली पुल और बस स्टैंड के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जीटी रोड स्थित जंडली पुल के समीप नाकाबंदी की गई।
नाकाबंदी के दौरान अंबाला कैंट की ओर से आ रहा एक युवक पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी मोहम्मद शाकिर उर्फ रहमान के रूप में हुई।
बैग से बरामद हुए प्रतिबंधित इंजेक्शन
तत्कालीन डीएसपी अजीत कुमार की मौजूदगी में आरोपी के कंधे पर टंगे खाकी रंग के बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। आरोपी इन दवाओं के संबंध में कोई वैध लाइसेंस या चिकित्सकीय पर्चा प्रस्तुत नहीं कर सका।
अदालत ने नहीं बरती नरमी
सजा के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को कम से कम सजा देने की मांग की। वहीं सरकारी पक्ष ने दलील दी कि नशीले इंजेक्शनों की तस्करी युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है, इसलिए दोषी के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को केंद्रीय कारागार, अंबाला शहर भेजने के आदेश भी जारी किए।