संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जिला कांग्रेस कमेटी अंबाला की ओर से सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगा पैदल मार्च एवं विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन भाजपा सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम परिवर्तन और इस जनहितकारी योजना को कमजोर करने के प्रयासों के विरोध में किया गया।
यह पैदल मार्च कांग्रेस भवन अंबाला शहर से अग्रसेन चौक तक निकाला गया। जिलाध्यक्ष अंबाला शहर पवन अग्रवाल ने बताया कि मनरेगा महज एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों के आत्मसम्मान और रोजगार का संवैधानिक अधिकार है।
जिलाध्यक्ष अंबाला ग्रामीण दुष्यंत चौहान ने कहा कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था मनरेगा पर काफी हद तक निर्भर है। भाजपा सरकार जानबूझकर इस योजना को कमजोर कर ग्रामीण गरीबों को मजबूरी और बेरोजगारी की ओर धकेल रही है।
पार्षद अधिवक्ता मिथुन वर्मा ने कहा कि मनरेगा योजना को कमजोर करना सीधे-सीधे गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग पर हमला है। भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी हर योजना को समाप्त या कमजोर करना चाहती है।