अंबाला। रेलवे कॉलोनी के बीच से चंद्रपुरी सहित करीब 12 कॉलोनियों को जाने वाले 30 साल पुराने रास्ते को बंद करने पर सोमवार विवाद हो गया। रेलवे ने यूनियन संग मिलकर 7 दिसंबर की रात को बाइक व एक्टिवा की टक्कर में एक की मौत व दो किशोर घायल होने के बाद यह रास्ता बंद करने का निर्णय लिया था। सोमवार को पहले तो रेलवे कर्मचारियों ने जेसीबी से खोदाई करवा इस रास्ते पर मिट्टी के ढेर लगा दिए थे। जैसे ही रेलवे की ओर से मुख्य सड़क को उखाड़ा जाने लगा तो स्थानीय लोग एकजुट होकर विरोध में उतर आए व काम को रुकवाया।
मौके पर वार्ड नंबर 22 के पार्षद प्रमोद कुमार ने रेलवे की सरकारी संपत्ति यानी सड़क तोड़ने का विरोध किया। बोले कि यह रास्ता लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था। लेकिन तोड़ना गलत है। पार्षद ने बताया कि मंत्री अनिल विज के दखल के बाद अभी दोपहिया वाहनों को गुजरने की अनुमति है, लेकिन चौपहिया वाहन की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
लोग बोले- मंत्री विज से करेंगे मुलाकात
स्थानीय लोग अजय, मनीष, अर्जुन, शकुंतला व पार्षद प्रमोद कुमार लक्की का कहना है कि यह रास्ता 30 साल पुराना है। पहले लोगों की सहूलियत के लिए इस रास्ते को खोला गया था। इस रास्ते की मदद से चंद्रपुरी, साईं का बाग, सुंदर नगर आदि करीब 12 कॉलोनियों में रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इस रास्ते से लोगों का समय भी बचता है। इस संबंध में वह मंगलवार को ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से मुलाकात करेंगे ताकि लोगों के लिए इस रास्ते को पूरी तरह से खोला जा सके। आमजन के साथ-साथ रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों के परिवार भी इसी रास्ते के जरिये पीछे बाजार में जाते हैं।