ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के शॉटपुट (गोला फेंक) फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही अंबाला की बेटी मनप्रीत पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। बुधवार रात 12:30 बजे जब वह मैदान में उतरीं, तो उनके चेहरे पर गजब का आत्मविश्वास झलक रहा था। उन्होंने शानदार शुरुआत भी की, लेकिन आखिरी प्रयास में हुई एक छोटी सी चूक ने उनसे मेडल छीन लिया और वह चौथे स्थान पर ही जगह बना सकीं।
जानकारी के अनुसार, अपने निर्णायक और आखिरी अटेम्प्ट के दौरान मनप्रीत के हाथ से गोले की पकड़ छूट गई, जिसके कारण वह निर्धारित मीटर की दूरी प्राप्त नहीं कर सकीं। दुनिया भर की 12 बेहतरीन महिला खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा था। प्रतियोगिता के शेड्यूलिंग में बदलाव और क्वालिफाइंग राउंड रद्द होने के कारण मनप्रीत को सीधे फाइनल में उतरने का मौका मिला था।
अंबाला सिटी के जसमीत नगर निवासी मनप्रीत ने साल 2006 में शॉटपुट का सफर शुरू किया था। वह अब तक 14 नेशनल मेडल जीत चुकी हैं और दो बार नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करवा चुकी हैं। वेटलिफ्टिंग बैकग्राउंड होने और 145 किलोग्राम तक बेंच प्रेस मारने की क्षमता के कारण मनप्रीत एक मजबूत पॉवर थ्रोअर हैं। हालांकि इस बार वह अपना दूसरा कॉमनवेल्थ खेलते हुए पदक से जरूर चूक गईं, लेकिन विश्व स्तर पर उनके शानदार संघर्ष और प्रदर्शन ने पूरे देश का दिल जीत लिया।