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चौधराहट भाजपा के पास, आजाद बना वाइस चेयरमैन

Mon, 18 Apr 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, अंबाला
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चौधराहट भाजपा के पास, आजाद बना वाइस चेयरमैन - फोटो : Amar ujala
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आखिरकार ढाई महीने की कश्मकश के बाद अंबाला में जिला परिषद के चुनाव रविवार को संपन्न हो गए हैं। भाजपा ने चेयरमैनी की कुर्सी पर कब्जा कर लिया है। वाइस चेयरमैन की कुर्सी न तो भाजपा के हिस्से में आई और न ही इनेलो के। हालांकि भाजपा अपनी कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए इनेलो के खाते में जा रही वाइस चेयरमैन की कुर्सी को आजाद उम्मीदवार की झोली में डालने में सफल रही। आजाद उम्मीदवार रजनीश शर्मा वाइस चेयरमैन चुने गए हैं।
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चुनाव के दौरान भारी तनाव की स्थिति रही। चुनाव से पहले ही पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया था। भारी तादाद में पुलिस कर्मी मौजूद थे। भाजपा और इनेलो दोनों के समर्थकों को सिटी के चुनाव स्थल विकास सदन से काफी दूर रखा गया था। पुलिस ने भीतर जाने वाले अंबाला के सभी पंद्रह वार्डों के जिला परिषद सदस्यों की तलाशी ली। जिला परिषद सदस्यों को विकास सदन के भीतर मोबाइल फोन तक ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। विकास सदन के भीतर अंबाला की एडीसी व जिला परिषद की सीईओ मोनिका मलिक की अध्यक्षता में चुनाव करवाया गया। इसकी वीडियोग्राफी करवाई गई। अंबाला सिटी के विधायक असीम गोयल बतौर मनोनीत सदस्य चुनाव के दौरान उपस्थित रहे।
विकास सदन के भीतर जिला परिषद सदस्यों की बैठक में चेयरमैन पद के लिए भाजपा समर्थित सुरेंद्र सिंह और इनेलो की ओर से मक्खन सिंह लबाना मैदान में उतरे। उपप्रधान पद के लिए आजाद उम्मीदवार रजनीश शर्मा और सीमा रानी खड़ी हुईं। दोनों ही आजाद प्रत्याशी हैं लेकिन एक प्रत्याशी पर भाजपा और दूसरे पर इनेलो अपने खेमे का दावा किया। जिला परिषद के सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी वोट गोपनीय रूप से जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन पद के प्रत्याशियों को दिया। वोटिंग खत्म होने के बाद एडीसी ने दोनों रिजल्ट सभी के सामने घोषित किए। भाजपा समर्थित सुरेंद्र सिंह राणा को नौ वोट मिले और इनेलो समर्थित मक्खन सिंह लबाना को छह मत प्राप्त हुए। वाइस चेयरमैन पद पर आजाद प्रत्याशी रजनीश शर्मा को नौ और सीमा रानी को छह वोट प्राप्त हुए। इस पर चुनाव अधिकारी ने सुरेंद्र सिंह को जिला परिषद का चेयरमैन और सीमा रानी को वाइस चेयरमैन घोषित किया।
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जीत के बाद बढ़ा तनाव, पुलिस ने बमुश्किल संभाला मोर्चा
चेयरमैनी का चुनाव हारने के बाद इनेलो के जिला परिषद सदस्यों में भारी मायूसी थी तो बाहर खड़े भाजपा के समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। वे नारेबाजी करते हुए पुलिस का घेरा तोड़ विकास सदन की ओर बढ़ने लगे। तभी वहां खड़े इनेलो जिला परिषद सदस्यों ने पुलिस अफसरों को चेताया कि इन्हें वहीं रोक लें, वरना यहां झगड़ा हो जाएगा। इस पर पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। उधर से दूसरी ओर खड़े इनेलो के समर्थक भी इनेलो जिंदाबाद कहते हुए विकास सदन की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने तुरंत भाजपा और इनेलो दोनों के समर्थकों को काफी दूर-दूर कर दिया। इस दौरान स्थिति तनावग्रस्त रही।


भाजपा-इनेलो को खुश कर गए रजनीश, पुलिस ने सुरक्षा घेरे में लिया
वाइस चेयरमैन बने रजनीश शर्मा का दावा है कि वे प्रदेश में पहले ऐसे आजाद प्रत्याशी हैं, जिन्होंने किसी जिला परिषद की वाइस चेयरमैन की कुर्सी जीती है। जीतने के बाद रजनीश ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ का परिचय देते हुए खासे तनाव के बीच भाजपा और इनेलो दोनों पार्टी के लोगों को खुश कर दिया।
दरअसल, रजनीश पर इनेलो और भाजपा दोनों अपने-अपने खेमे में होने का दावा कर रहे थे। हालांकि रजनीश आखिर तक आजाद ही बने रहे। चुनाव नतीजे घोषित होने पर राज्यमंत्री नायब सैनी और विधायक असीम गोयल ने रजनीश को अपने खेमे में खड़ा करके विजयी चिन्ह के साथ फोटो सेशन करवाना शुरू कर दिया। ये देखकर वहीं खड़े इनेलो और कांग्रेस के जिला परिषद सदस्यों ने रजनीश को आवाज लगाकर भाजपा नेताओं से परे किया और अपने साथ खड़े होने को कहा। रजनीश ने उनके साथ भी विजयी चिन्ह दिखाकर इनेलो नेताओं के साथ भी अपना फोटो सेशन करवाया। रजनीश शर्मा ने साफ कहा कि वे आजाद प्रत्याशी के रूप में वाइस चेयरमैन का चुनाव जीते हैं। उनका समर्थन सभी सदस्यों के साथ है। ये ड्रामा चल ही रहा था कि पुलिस ने रजनीश शर्मा को अपनेे सुरक्षा घेरे में ले लिया। इस दौरान रजनीश शर्मा थोड़े नर्वस दिखाई दिए। उन्हें पुलिस वैन में बैठाने के बाद पुलिस ने उनके समर्थकों के हवाले कर जल्द से जल्द उन्हें वहां से रवाना करवा दिया।
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कोट-----1
उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह पूरी ईमानदारी, निष्ठा और कड़ी मेहनत के साथ पूरा करेंगे तथा लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए हर संभव प्रयास करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पूरा करवाएंगे।
सुरेंद्र सिंह, नवनियुक्त चेयरमैन, जिला परिषद अंबाला

कोट-2
वह राजनीति में केवल समाज और हल्कावासियों की सेवा करने के लिए आए हैं। विकास ही उनका मुख्य एजेंडा और प्राथमिकता है। वह सभी के साथ मिलकर अंबाला के ग्रामीण विकास में अपनी भूमिका निभाएंगे और विकास के लिए कार्य करेंगे।
-रजनीश शर्मा, नवनियुक्त वाइस चेयरमैन, जिला परिषद अंबाला

कोट-3
चुनाव बहुत शांतिपूर्वक और अनुशासन के बीच हुए हैं। किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई। पूरी तरह से निष्पक्षता बरती गई है। बाकायदा पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। चुनाव प्रक्रिया में सभी जिला परिषद सदस्यों का सहयोग सराहनीय रहा है। सुरेंद्र सिंह जिला परिषद चेयरमैन व रजनीश शर्मा वाइस चेयरमैन का चुनाव जीते हैं।
मोनिका मलिक, एडीसी अंबाला
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कोट-4
जिला परिषद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत पार्टी संगठन व कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है और इस जीत का श्रेय अंबाला जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं को जाता है। सभी विपक्षी पार्टियों का हरियाणा में सूपड़ा साफ हो चुका है तथा लोगों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व भारतीय जनता पार्टी की नीतियों में विश्वास रखते हुए भाजपा को पूरा समर्थन दिया है।
नायब सैनी, राज्यमंत्री, हरियाणा सरकार
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कोट-5
पहले लोकसभा, उसके बाद विधानसभा तथा पंचायती राज के चुनावों में लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को अभूतपूर्व समर्थन दिया है। अंबाला में सभी चुनावों में बीजेपी की जीत होने से यहां पर विकास कार्य तीव्र गति से हो रहे हैं तथा अब जिला परिषद में भी बीजेपी उम्मीदवारों की विजय होने से ग्रामीण विकास में और अधिक गति आएगी। सरकार जिले की कोई भी सामूहिक समस्या शेष नहीं रहने देगी।
-असीम गोयल, अंबाला शहर विधायक


अभय चौटाला बोले, दो सदस्यों ने बेच दी आत्मा
अंबाला। इनेलो के दिग्गज नेता अभय चौटाला ने कहा है कि इनेलो पहले भी दावे पर अडिग थी और अब भी अडिग है। उन्होंने कहा कि कुल 15 में से इनेलो के पास अपने 6 सदस्य थे, 2 अन्य सदस्य इनेलो की नीतियों को देखते हुए उन्हें समर्थन देने आए थे। लेकिन, उन दोनों सदस्यों ने विकास सदन में चुनाव के दौरान अपनी आत्मा भाजपा के हाथ बेच दी और इनेलो का साथ छोड़ दिया। अभय के अनुसार उन पर पुलिस, रिश्तेदारों और रुपयों का खूब दबाव बनाया गया, जिस वजह से उन्होंने अपनी आत्मा बेची। इनेलो की लोकप्रियता आज भी अपनी जगह कायम है। उनके अनुसार इनेलो के जिला परिषद सदस्य सदन में अंबाला की जनता की हर समस्या को प्रमुखता से उठाएंगे और उसका समाधान करवाएंगे।
इस दौरान जिलाध्यक्ष शीशपाल जंदेड़ी, पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा, जगमाल रौलों, शम्मी सौंडा, एडवोकेट दिलबाग सिंह दानीपुर, दलबीर सिंह पूनिया इंद्रजीत इत्यादि इनेलो नेता उपस्थित रहे।
जीत का दावा किया था चौटाला ने
जिला परिषद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान इनेलो के दिग्गज नेता अभय चौटाला अंबाला सिटी में स्थित चैंबर कांपलेक्स में एडवोकेट दिलबाग सिंह दानीपुर के चैंबर में ही मौजूद रहे। उन्होंने चुनाव शुरू होने से पहले दावा किया था कि इनेलो के पास अपने व दूसरे मिलाकर कुल आठ जिला परिषद सदस्य है। उनका दावा था कि विकास सदन में जब चुनाव होगा तो ये आठ सदस्य नौ जरूर हो सकते हैं, लेकिन सात नहीं होंगे। लेकिन जब जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के चुनाव संपन्न हुए तो तस्वीर उनके दावों से बिल्कुल विपरीत थी। इनेलो समर्थित चेयरमैन के प्रत्याशी मक्खन सिंह लबाना को केवल छह वोट ही प्राप्त हुए। अभय ने एडवोकेट दानीपुर के चैंबर में ही चुनाव परिणामों की समीक्षा की और अपने साथियों को लेकर वे वहां से रवाना हो गए।
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