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कक्षा 6 से 8 के होनहार आज जाएंगे स्कूल

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कोरोना काल के चलते करीब एक साल से बंद पड़े छठी से आठवीं तक के स्कूलों में आज से रोनक लौटनी शुरू हो जाएगी। एक फरवरी से सरकारी और प्राइवेट स्कूल में मिडल कक्षाएं लगाने के आदेश सरकार ने जारी किए थे। कक्षाएं लगाने के लिए जिला शिक्षा विभाग के आदेशों पर स्कूल प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्कूल आने वाले छात्रों को परिजनों की अनुमति सहित स्वास्थ्य जांच प्रमाण पत्र साथ लाना होगा। कोरोना वैक्सीन आने से अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। आमजन ने जहां मास्क को दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है तो वहीं घरों में प्रवेश से पहले ही अपने आप को साफ-सुथरा रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने का प्रयास शुुरू कर दिया है। जहां पहले कक्षा 9 से 12 के छात्रों को स्कूलों में पढ़ाने का कार्य शुरू किया गया था।
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10 बजे से डेढ़ बजे तक लगेंगी कक्षाएं
मौजूदा समय में स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक लग रहे हैं। सरकारी स्कूल के अध्यापकों को 15 मिनट पहले यानि 9.45 तक स्कूल में आने के आदेश दिए गए हैं। छात्र उक्त समय पर स्कूल में प्रवेश कर सकेंगे। स्कूल आने से पहले छात्र किसी भी स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सक से सामान्य स्वास्थ्य जांच करवाकर प्रमाण पत्र लेंगे। प्रमाण पत्र 72 घंटे से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। छात्रों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा जो छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं, उनकी पढ़ाई वैसे ही जारी रहेगी। स्कूल में छात्रों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन का प्रबंध किया गया है।
सताने लगा अभिभावकों को फीस का डर
कक्षाएं शुरू होने के साथ ही अब अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों की फीस का भय भी सताने लगा है। दरअसल प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अब कोरोना काल से लेकर अब तक की ट्यूशन फीस की मांग शुरू कर दी है। अभी तक अभिभावक स्कूल नहीं खुलने की बात कहकर फीस देने से इंकार कर रहे थे लेकिन अब बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उन्हें फीस जमा करवानी होगी। ऐसे में अभिभावकों ने फीस जुटाने की जद्दोजहद भी शुरू कर दी है।
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जांचेंगे व्यवस्थाएं
कक्षा 6 से 8 के छात्र आज से स्कूल आ सकेंगे। स्कूल प्रबंधन को उचित व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी टीम भी स्कूलों में मुआयना कर व्यवस्थाओं को जांचेगी।
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- सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी अंबाला।
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