अंबाला नारायणगढ़ राजमार्ग किनारे धरने पर बैठकर हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ने की मांग करते
अंबाला। अंबाला-नारायणगढ़ रोड स्थित बुढ़ाखेड़ा गांव में भाजपा प्रत्याशी पवन सैनी से सवाल-जवाब करने पहुंचे किसानों और पुलिस के बीच रविवार नोकझोंक हो गई। मामला इतना बिगड़ गया कि पुलिस ने करीब आधा दर्जन किसानों को हिरासत में लेने के साथ ही उनके ट्रैक्टर और कुछ वाहनों को कब्जे में लिया। एक तरफ जहां किसान नेताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए और कुछ किसानों के चोटिल होने की बात भी कही तो वहीं पुलिस ने लाठी चार्ज के आरोपों को नकारा।
उधर, हिरासत में लेने के बाद किसान भारी संख्या में पंजोखरा थाने के बाहर ही एकजुट हो गए और जमकर रोष जताया। किसान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। देखते ही देखते किसान नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी एकजुट होने की वीडियो वायरल कर दी थी। करीब दो घंटे तक वह नारायणगढ़ रोड किनारे ही धरने पर बैठे रहे।
आखिर में अंबाला कैंट डीएसपी रजत गुलिया ने किसानों के बीच आकर उन्हें आचार संहिता का उल्लंघन न करने की बात कहीं। साथ ही हिरासत में लिए किसानों व वाहनों को छोड़ने का आश्वासन दिया। तब किसान शांत होकर घर लौट गए। उधर, भाजपा प्रत्याशी ने गांव में अपना कार्यक्रम किया। दरअसल, बुढ़ा खेड़ा गांव में कार्यक्रम से पहले भी भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर और अन्य वाहनों पर पहुंच गए थे। उन्हें रोकने के दौरान मामला बिगड़ा था।
आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे किसानों को हिरासत में लिया था। कुछ वाहनों को भी थाने लाया गया था लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया है। किसी भी तरह का लाठी चार्ज नहीं हुई है।
रजत गुलिया, डीएसपी अंबाला कैंट
अंबाला नारायणगढ़ राजमार्ग किनारे धरने पर बैठकर हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ने की मांग करते