नारायणगढ़। नारायणगढ़ में घरों से कचरा उठाने वाले कर्मचारी और नगर पालिका प्रशासन आमने सामने आ गया है। कर्मचारियों ने भी पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि उनके मामले में नगर पालिका प्रशासन झूठे आश्वासन देता रहा वहीं कचरा उठान के लिए जो कंपनी लाई गई उसकी मनमर्जी को सहन करते रहे।
नगरपालिका कर्मचारी संघ (संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ) के नेता मांगे साहिब, दर्शन लाल, सतीश और धर्मवीर ने कहा कि नगरपालिका ने कूड़ा उठाने का ठेका जींद की प्राइवेट कंपनी श्याम एसोसिएट्स को 14 सितंबर 2022 तक एक साल के लिए दिया था। आरोप है कि अनुबंध के अनुसार ठेकेदार ने सरकार की हिदायत अनुसार कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दिया। यही नहीं जो वेतन दिया भी वह कभी 7 तारीख तक नहीं मिला। ऊपर से हर महीने वेतन से भी जबरन कटौती की गई। ईएसआई फंड तो काटा गया परंतु कर्मियों को मिलने वाले लाभों से वंचित रखा गया। अनुबंध की शर्त मुताबिक हर दिन शहर व घरों से दोपहर 12 बजे से पहले कूड़ा उठना चाहिए। मगर ठेकेदार ने वाहन व कर्मचारी कम उपलब्ध करवाए जिस कारण कर्मचारियों को सायं 5 बजे तक काम करना पड़ता था।
कार्रवाई में लापरवाही के आरोप
कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि कर्मचारियों ने सचिव व चेयरपर्सन से मई 2023 में ठेकेदार की कारगुजारियों को लेकर गुहार लगाई। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। चेयरपर्सन व सचिव हर बार कर्मियों को भरोसा दिलवाते रहे कि ठेकेदार की बैंक गारंटी व बिलों का भुगतान रोककर कर्मियों की पाई पाई दिलवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ठेका खत्म हो गया परंतु प्रशासन व ठेकेदार की मिलीभगत के चलते पीड़ित कर्मियों को आज तक इंसाफ नही मिला है।
वर्जन
कंपनी का ठेका 13 सितंबर 2023 को समाप्त हो गया था। फिर भी कुछ सफाई कर्मचारी काम करते रहे। इस भुगवान को पालिका कैसे दे सकती है। अभी हमारे पास कोई ठेकेदार कंपनी नहीं है। अभी तक चार ट्रैक्टर ट्रालियों से कचरा उठान करवा रहे हैं। धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों को भी समझाया जा रहा है।
-मोहित सैनी, सचिव, नगर पालिका नारायणगढ़।