बराड़ा। मानसून की बारिश ने कस्बावासियों को उमस व गर्मी से राहत दिलाई। वहीं, प्रशासन के नालों की सफाई और जल निकासी प्रबंधन के दावे पानी में बह गए। एक घंटे की बारिश में कस्बा के गुरुदेव मोहल्ला, गुरुद्वारा क्षेत्र, करनाल कॉलोनी, हरी मंदिर, लकड़ी मंडी, गवर्नमेंट स्कूल वाली सड़क, जनकपुरी कॉलोनी, रजौली रोड, मुख्य बाजार सहित लगभग सभी वार्डों व निचले क्षेत्रों में जलभराव हो गया। बारिश ने कस्बावासियों विशेषकर बच्चों, महिलाओं, राहगीरों सहित वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
दूसरी ओर, वरिष्ठ नागरिक मंच के सदस्यों ने नाले के निर्माण के बजट और घटिया सामग्री का उपयोग करने के आरोप लगाते हुए जांच सतर्कता विभाग हरियाणा से करवाने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर, किसान दलबीर, जगमाल व सुखबीर का कहना है कि बुधवार को हुई बरसात धान की फसल के लिए फायदेमंद साबित हुई है। इससे अन्य फसलों को भी लाभ पहुंचा है।
वहीं, मुख्य बाजार में जगह-जगह जलभराव होने के कारण दुकानदारों का कारोबार भी ठप हो गया। एक दशक से कस्बे की प्रमुख समस्या पानी की निकासी कस्बावासियों का सिर दर्द बनी हुई है। प्रदेश सरकार ने स्थानीय निकायों को मानसून से पूर्व नालों की सफाई, जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों को पूरा करने के निर्देश दिए थे। बारिश ने प्रशासन की कागजी तैयारी की सच्चाई को सबके सामने ला कर रख दिया। बता दें कि गत दिवस स्थानीय विधायक अरुण चौधरी ने निकाय मंत्री कमल गुप्ता से भेंट कर और लिखित रूप में शिकायत देकर नगरपालिका बराड़ा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जांच की मांग की थी।