अंबाला। सरकार के 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के सारे दावे इस भीषण गर्मी में फेल हो रहे हैं। पारा लगातार बढ़ रहा है। छावनी के लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि चौबीस घंटे में से 11-11 घंटे तक अघोषित पावर कट लग रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले ही सूबे के ऊर्जा मंत्री ने छावनी की बिजली व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए 34 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को हरी झंडी दी थी, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि धरातल पर सुधार के नाम पर मात्र खानापूर्ति हो रही है। बिजली संकट से बेहाल जनता जब उच्चाधिकारियों को फोन मिलाती है, तो निराशा ही हाथ लगती है। इलाके के जेई और एक्सईएन के सरकारी मोबाइल नंबर या तो नॉट रीचेबल आते हैं या फिर लगातार रिंग होने के बावजूद उठाए नहीं जाते। अफसरों की इस बेरुखी और लापरवाही से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पनप रहा है।