अंबाला। भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर तनाव के चलते जिला प्रशासन की ओर से लगाए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण शिविर में युवाओं का जोश देखते ही बना। देश भक्ति का जज्बा लिए युवाओं ने एक-दूसरे से पहले आवेदन किया।
कैंट के एसडी कॉलेज और सिटी की नई अनाजमंडी में लगे दोनों कैंप भारत माता की जय नारे... और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठे। युवा बोले कि मौका मिले तो दुश्मन को भीतर घुसकर मारेंगे। दोनों जगह पर पांच हजार युवाओं ने आवेदन किया। जबकि बार कोड के जरिये भी आवेदन करने का सिलसिला जारी है। हालांकि प्रशासन की तरफ से युद्ध के हालात खत्म होने की बात कहीं लेकिन फिर भी युवाओं को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी गई।
आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण
ट्रेनिंग कैंप के दौरान एसडीआरएफ, रेडक्रास, पुलिस विभाग, फायर विभाग और होमगार्ड ने विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। युवाओं के जोश को देखते हुए सभी के रजिस्ट्रेशन किए गए और कहा कि जब भी जरूरत होगी तो वह उन्हें प्राथमिकता पर रखकर बुलाया जाएगा। इसमें युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया कि हालात बिगड़ते हैं तो कैसे आग से सुरक्षा, सीपीआर यानी काॅर्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन करना है। कमरे में धुंआ हो जाता है तो कैसे खुद को सुरक्षित करना है और दूसरों को सुरक्षित करने का तरीका बताया। बताया कि अगर धमाके से कोई इमारत ध्वस्त हो जाती है तो सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर जाएं और लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करनी चाहिए।
दिन में सायरन बजे तो ये करें
एसडीएम अंबाला कैंट विनेश कुमार ने बताया कि हवाई हमले की आशंका होती है तो उससे पहले सायरन बजता है। उसके मुताबिक यदि दिन के समय सायरन बजता है तो ऐसे समय में कोशिश करें कि घर पर ही रहें, बालकनी से दूर रहें। छतों पर न जाएं, यदि आप किसी वाहन के अंदर हैं तो वाहन को पार्क करें और आस पास की इमारतों, अंडर पास या भूमिगत पार्किंग में शरण लें।
रात्रि में सायरन बजने पर यह करें
अगर रात्रि में कोई आपदा आती है तो उस समय तुरंत लाइट बंद कर दें, जेनरेटर और इन्वर्टर से कोई भी बाहर की लाइट न जलाएं, स्ट्रीट लाइटें बंद रखें। खुले क्षेत्रों में मोबाइल फोन वऔर फ्लैश लाइट या किसी भी प्रकाश उत्सर्जक उपकरण का प्रयोग करने से बचें और यदि वाहन के अंदर हैं तुरंत वाहन की लाइट बंद कर लें।
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देश सेवा का मौका तो मानूंगी खुशनसीब
कैंट निवासी आर्या गुंजन ने कहा कि ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखकर देश की सभी महिलाओं की को सम्मान मिला है। जो अंदर-अंदर ही चाहती है तो वो भी दुश्मनों से बिना डरे देश की सेवा में खड़ी रहें। अगर मौका मिलता है तो खुद को खुशनसीब मानूंगी।
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सबसे आगे खड़ी रहूंगी
यमुनानगर निवासी पारूल ने बताया कि आज की लड़कियों किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। देश सेवा के लिए आगे आने का मौका मिलता है तो वह सबसे आगे खड़ी रहूंगी।
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परिजनों ने भी नहीं रोका
अंबाला कैंट निवासी सरगम ने बताया कि जैसे ही ट्रेनिंग कैंप का पता चला तो उसी समय ठान लिया था कि पीछे नहीं हटना है। परिजनों ने भी साथ देते हुए एक बार नहीं रोका।
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दुश्मनों से देश की सेवा करके रहेंगे
टमनोली गांव निवासी अनिकेत ने बताया कि भले ही देश में अलग-अलग जाति के लोग हों। लेकिन जब देश की बात आती है तो सभी एक साथ खड़े हैं। यहीं जज्बा ट्रेनिंग कैंप में भी देखने को मिला। मौका मिलता है तो दुश्मनों से देश की सेवा करके रहेंगे।
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सबसे आगे रहेंगे
नारायणगढ़ निवासी विक्रम ने बताया कि सुबह 6 बजे ही घर से तैयारी कर निकल गया था। सोचा था कि यहीं मौका है जब देश के लिए कुछ कर दिखाना है। आवेदन कर दिया है। जब भी उनकी जरूरत पड़ेगी तो वह सबसे आगे रहेगा।
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भीतर घुसकर करेंगे आतंकवाद का खात्मा
नोहनी गांव निवासी नवनीत कुमार ने बताया कि बचपन से ही देश की सेवा करने का जज्बा है। अभी तक ऐसा कोई मौका ही नहीं मिला। आवेदन के बाद मौका मिला है तो पीछे न हटकर दुश्मनों का डटकर सामना करेंगे। जरूरत पड़ी तो भीतर घुसकर आतंकवाद को खात्मा करेंगे।
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आर्या गुंजन।
आर्या गुंजन।
आर्या गुंजन।
आर्या गुंजन।
आर्या गुंजन।