अंबाला सिटी। एमएम अस्पताल के डॉ. संजय अग्रवाल और उसके सहयोगी ओटी टेक्नीशियन के अपहरण का प्रयास करने वाले आरोपी की पहचान होशियारपुर के इंद्रजीत के तौर पर हुई। बेशक अमृतसर पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया लेकिन शिकायतकर्ता डॉ. से जब बातचीत की गई तो उन्होंने कहा सुनकर थोड़ा दुख जरूर हुआ क्योंकि मरने वाला भी आखिर था तो इंसान ही।
डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि जब वह मंगलवार शाम पांच बजे अपनी फार्च्यूनर से राजपुरा में एक अस्पताल में लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन के लिए निकले तो बलदेव नगर चौकी के ठीक सामने एक व्यक्ति जिसने कुर्ता पायजामा पहना था वह गाड़ियों को रोकने का प्रयास कर रहा था। डॉ. संजय को लगा कि शायद यह किसान है। क्योंकि उसने कस्सी भी ली हुई थी। यही सोचकर उनके ड्राइवर ने डॉ. संजय के कहने पर गाड़ी रोक ली। डॉ. संजय उस समय ड्राइवर के साथ वाली सीट पर सवार थे। जैसे ही ड्राइवर ने गाड़ी रोक कर बातचीत करनी चाही तो उसने चाबी निकाल ली और ड्राइवर को नीचे उतारकर सीट पर खुद बैठ गया लेकिन ड्राइवर ने हिम्मत दिखाते हुए पिछला दरवाजा खोला और स्टार्ट होने से पहले गाड़ी में सवार हो गया।
डॉ. संजय के अनुसार आरोपी ने 160 की गति से गाड़ी भगाई। उन्होंने हैंडब्रेक लगाने के लिए ड्राइवर से इशारों में बात की लेकिन ड्राइवर ने कहा कि ऐसा किया तो स्पीड अधिक होने के कारण गाड़ी पलट जाएगी। इसी कारण वह प्रतीक्षा करते रहे। आगे शंभू बार्डर था उन्हें पता था कि गाड़ी वहां स्लो करनी पड़ेगी। जैसे ही शंभू बार्डर आया तो उन्होंने हैंडब्रेक लगा दी। इसी कारण पिछली सीट पर सवार ड्राइवर और उनका सहायक नीचे उतरने में कामयाब रहे। यह देख बदमाश इंद्रजीत ने डॉ. से कहा कि तेरा हाथ काट दूंगा, हैंडब्रेक से हाथ हटाओ। यह सुनकर डॉक्टर सहम गए और खुद भी गाड़ी छोड़ नीचे उतर गए। गाड़ी से नीचे उतरे ड्राइवर और उनके सहायक ने गाड़ी के आगे प्लास्टिक के बैरिकेड भी टोल पर लगाए लेकिन आरोपी उन्हें भी तोड़कर गाड़ी भगा ले गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का सारा सामान भी गाड़ी में था इसीलिए वह ऑपरेशन भी करने नहीं जा सके। डॉ. संजय ने कहा कि यह संयोग ही था कि उन्होंने ही किसान के आगे अपनी गाड़ी रोकी। लेकिन परिवार के सभी सदस्य और परिचित इस बात से खुश हैं कि वह समय रहते गाड़ी से उतर गए वरना उन तीनों के साथ कुछ भी हो सकता था।
मोबाइल लोकेशन के चलते पुलिस करती रही पीछा
उधर डॉ. की गाड़ी के चालक का मोबाइल फोन गाड़ी में ही रह गया था। जब अंबाला पुलिस ने उस नंबर पर बातचीत की तो आरोपी ने फोन उठाया और पुलिस को खूब गालियां दी। इसी मोबाइल नंबर की लोकेशन को ट्रेस करते हुए अंबाला पुलिस पंजाब तक उसका पीछा करती रही और पंजाब पुलिस को भी सारे मामले की जानकारी दी।