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घर बैठे टेली मेडिसिन सुविधा के मिल रहा नामी अस्पतालों के डाक्टरों से परामर्श

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civics - फोटो : Ambala
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अंबाला। ग्रामीण क्षेत्र में अस्पताल और डॉक्टरों की और विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य महकमे ने नई तरकीब से गंभीर रोगों के मरीजों के साथ सामान्य मरीजों को घर बैठे उपचार देने की योजना बनाई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को टेली मेडिसिन के जरिए बड़े अस्पतालों से वीडियो कांफ्रेसिंग से जोड़कर उपचार देना शुरू कर दिया है। यह सुविधा नागरिक सुविधा केंद्रों (सीएससी ) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध करवा दी गई है। हालांकि अभी जिले में करीब 30 सीएससी केंद्रों पर इस सुविधा का लाभ शुरू हुआ है। क्योंकि ज्यादातर ग्रामीणों को इस सेवा के बारे में जानकारी ही नहीं है। इस सुविधा के तहत मरीज बिना अस्पताल में जाए और घंटों लाइनों में खड़े होने के झंझट से भी बच जाता है और आने-जाने का खर्च भी नहीं लगता।
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ऐसे ले सकते हैं सुविधा का लाभ
दरअसल प्रत्येक गांव में सीएससी सेंटर हैं। यहां पर मरीज जाता है। इसके बाद वह सीएचसी में बैठे वीएलई को अपने मर्ज के बारे में बताएगा और यह भी बताएगा कि उसे एलोपैथिक डॉक्टर से सलाह लेनी है या फिर आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डॉक्टर से। मरीज के कहे अनुसार वह लिस्ट में शामिल किसी भी डॉक्टर से सीएचसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग से मरीज के रोग के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सक से सीधी बातचीत करवा देगा। डॉक्टर मरीज से बातचीत और उसकी पुरानी रिपोर्ट यदि है तो के अध्ययन के बाद या मरीज की बीमारियों के लक्षण देखकर जांच से लेकर दवा दी बताई जाती है। इसके बाद सीएचसी से उसका प्रिंट निकालकर मरीज को दे दिया जाता है।
सरकारी डॉक्टरों के साथ नामी अस्पताल भी शामिल
बता दें कि इस परामर्श में मरीज सरकारी डॉक्टर के अलावा प्राइवेट नामी अस्पतालों के डॉक्टर से भी परामर्श ले सकता है। इसके लिए 20 से 25 रुपये रेट भी तय किए गए हैं। इसमें प्रिंटिंग और परामर्श के दौरान इंटरनेट का खर्च और डॉक्टर की फीस सभी शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर से परामर्श के लिए रेट इससे भी कम तय किए गए हैं।
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डीएम विवेक शर्मा और डीएम रोहित सेन ने बताया कि टेली मेडिसिन की सुविधा सीएससी सेंटरों पर चल रही है। अब इसका विस्तार किया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि कोरोना में किसी को इलाज के लिए धक्के न खाने पड़ें। बड़े ही नोमिनल रेट पर यह सुविधा मरीज को घर बैठे ही उपलब्ध करवाई जा रही है। इसमें सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर के अलावा प्राइवेट अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल किए गए हैं। करीब 30 सीएससी पर अब रुझान मिलने लगा है।
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