अंबाला। आचार संहिता से पहले नगर निगम अंबाला से सदर जोन छावनी को अलग कर नगर परिषद बनाने की फाइनल नोटिफिकेशन सरकार द्वारा जारी कर दी गई। साथ ही एसडीएम अंबाला छावनी सुुभाष सिहाग को परिषद का प्रशासक भी नियुक्त कर दिया गया है। लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया। नगर निगम अंबाला के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री ने आरोप लगाया है कि जो उन्होंने आपत्ति डीसी के समक्ष जाहिर की थी, सरकार ने बिना सोच-विचार किए ही उनकी आपत्तियों को खारिज कर दिया। इसीलिए सीनियर डिप्टी मेयर हाईकोर्ट में पहुंच गए। नगर निगम सदर जोन एरिया को न तो बढ़ाया है और न ही घटाया है। नई नगर परिषद में 19 गांव शामिल रहेंगे। लेकिन दो लाख 80 हजार की आबादी पर बनाए गए नगर परिषद की एरिया में वार्ड छोटे हो जाएंगे। जो 31 वार्ड होंगे उनमें 1 लाख 94 हजार मतदाता अपने पार्षदों का चुनाव करेंगे। लेकिन आगामी विधानसभा चुुनाव के बाद पूरी होने वाली इस योजना पर हाईकोर्ट में मामला पहुंचने से पहले ही ब्रेक लग गए हैं। नगर निगम की तरह सरकार ने नगर परिषद के क्षेत्र में गांव बब्याल, बोह, रामगढ़ माजरा, पंजोखरा, टूंडला, टूंडली, कलरेहड़ी, करधान, नग्गल, खोजकीपुर, घसीटपुर, सलारहेडी, चांदपुरा, सरसेहड़ी, सलारहेडी, खुड्डा कलां, खुड्डा खुर्द, मच्छौंडा, मच्छौड़ी और शाहपुर शामिल रहेगा। नई नोटिफिकेशन के मुताबिक एरिया में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है।
अंतिम नोटिफिकेशन में परिषद की सीमा को तय कर दिया गया है। भाग एक में कैंटोनमेंट के गांव टूंडला, टूंडली, पंजोखरा साहिब और कलरेहड़ी क्षेत्र शामिल होगा। भाग दो में कलरेहड़ी से सीमा शुरू होकर गांव बोह, रामगढ़ माजरा, चांदपुरा, सरसेहड़ी, खुड्डा खुर्द, खुड्डा कलां और सलारेहड़ी तक क्षेत्र शामिल है। तीसरे भाग में सलारेहड़ी गांव से सीमा शुरू होकर करधान, घसीटपुर, शाहपुर, मच्छौड़ी, मच्छौड़ा और कैंटोनमेंट बोर्ड का गांव शेखमाजरा की सीमा तक होगा। इसी प्रकार अंतिम भाग में कैंटोनमेंट बोर्ड और नगर परिषद के बीच में सदर क्षेत्र अंबाला दिल्ली नेशनल हाइवे, जगाधरी रोड, सैनिक रेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, बीसी बाजार, गुरु गोबिंद चौक, बब्याल और टूंडला की सीमा शामिल हैं।
पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन ने कहा कि वार्ड छोटे होंगे, जिससे जनता को फायदा मिलेगा। वार्ड बड़े होने से जनता और पार्षद भी परेशान थे। छावनी में पहले जितने वार्ड 31 होंगे और उसमें 3 नामित वार्ड होंगे। जनता पर टैक्स का बोझ घटेगा। सरकार चुनाव के बाद चुनाव कराएगी।
फंड कहां से आएगा
पूर्व डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल ने कहा कि छावनी का स्टेटस डी-ग्रेड हो गया है और निगम में टैक्स ज्यादा था तो कर्मचारियों की सैलरी निकल जाती थी। बड़े प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की मदद से पूरे हो जाते थे अब फंड की दिक्कत होगी। इसीलिए गांव में विकास थमेगा, जिन्हें दोबारा से पंचायत बना देना चाहिए था।
सरकार ने नहीं सुनी
पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री ने कहा कि 11 लोगों ने डीसी के माध्यम से आपत्तियां मुख्य सचिव के पास भेजी थी और उनके आदेशों पर डीसी ने हमारी आपत्तियां सुनी थी मौके पर 6 लोग मौजूद थे सभी ने नगर परिषद के गठन को गलत ठहराया था। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है। फाइनल नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है।
जेल से बाहर आ गए
पूर्व पार्षद जसबीर सिंह जस्सी ने कहा कि फाइनल नोटिफिकेशन के बाद नगर परिषद बनने के बाद अब लग रहा है जैसे जेल से बाहर आ गए हैं। हमारे इतने बड़े वार्ड थे हम चाहकर भी जा नहीं सकते थे। इसीलिए सरकार ने सराहनीय कदम है।
सरकार की ओर से फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है प्रशासक लगा दिया गया है। चुनाव के बाद वार्डबंदी होगी। बाद में चुनाव करा दिए जाएंगे। अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री, हरियाणा सरकार।