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निगम की सभी म्युटेशन पर ठेकेदार का कब्जा, आनलाइन डाटा आज तक नहीं करवाया फ्रीज

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civic - फोटो : Ambala
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अंबाला। यदि आपकी प्रापर्टी नगर निगम एरिया में है तो सावधान हो जाएं। आपकी प्रापर्टी किसी भी व्यक्ति के नाम कभी भी बदली जा सकती है। इसके लिए न तो आपके पास कोई मैसेज आएगा न ही आपसे इसके लिए कोई अनुमति ली जाएगी। आपको इस बात का पता तभी चलेगा जब आपकी प्रापर्टी किसी दूसरे के नाम हो जाएगी और आप कोर्ट के दरवाजे खटखटाएंगे। यह कोई कोरी कल्पना नहीं बल्कि एकदम सच है। क्योंकि नगर निगम के पास किसी भी म्युटेशन का न तो अपडेट मैनुअल रिकार्ड है न ही आनलाइन। यह सारा रिकार्ड ठेकेदार के पास है। एक साल से नहीं बल्कि पूरे 3 साल से नगर निगम अंबाला शहर के अधीन आने वाली तमाम प्रापर्टी की म्युटेशन का सारा रिकार्ड ठेकेदार के कब्जे में ही है।
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2003 के रजिस्टर में ही आज भी हो रहा इंद्राज
आज भी यदि किसी व्यक्ति के द्वारा अपनी संपत्ति की म्युटेशन का इंद्राज या नकल आदि संबंधित कार्य करवाने होते हैं तो विभाग के द्वारा उनका इंद्राज 2003 के संपत्ति रजिस्टर में ही किया जाता है जबकि ठेकेदार द्वार कई वर्षों का रिकार्ड मैनुअली रजिस्टर की शेप में तैयार करवाकर शाखा को उपलब्ध करवाया गया है जिस पर विभाग का लाखों रुपया खर्च हुआ है। परंतु शाखा इंचार्ज द्वारा इन नए रजिस्टरों का न तो आज तक आडिट करवाया गया न ही इंद्राजों/ रजिस्टरों के आधार पर का हो रहा है।
2017 में स्कैन के लिए दिया था रिकार्ड नहीं मिला वापस
बता दें कि नगर निगम ने वर्ष 2017 में परफेक्ट वेबटेक प्राइवेट लिमिटेड को सभी म्युटेशन का रिकार्ड स्कैन करने का ठेका दिया था ताकि पुराने रिकार्ड में कोई गड़बड़ न कर सके। परंतु विभाग द्वारा जो रिकार्ड स्कैन के लिए फर्म को उपलब्ध करवाया था उसके आधार पर स्कैन रिकार्ड का कोई वेरिफिकेशन विभाग द्वारा नहीं किया गया। बल्कि इतना महत्वपूर्ण रिकार्ड 3 साल बाद भी संबंधित ठेकेदार को अनाधिकृत रूप से उपलब्ध करवाए गए सरकारी आवास में नगर निगम कार्यालय के भीतर ही बदतर स्थिति फेंका गया है। अलबत्ता ठेकेदार बिना किसी आधिकारिक अनुमति के जिस म्युटेशन को चाहे उसे बदल सकता है।
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न दिया लॉगिन आईडी न ही पासवर्ड
कमाल देखिए, ठेकेदार ने अपना काम पूरा करने के बाद पूरा खर्चा वसूल लिया। हाउस टैक्स व म्युटेशन के कंप्यूटराइज्ड रिकार्ड का लॉगिन आईडी और पासवर्ड विभाग को उपलब्ध नहीं करवाया। इसके अभाव में आज भी ठेकेदार अपनी मर्जी से इंद्राजों में कुछ भी तब्दीली कर सकता है।
आज तक नहीं हुआ आडिट
नए उपलब्ध करवाए गए रजिस्टरों का आज तक आडिट ही नहीं हो सका। इसी कारण इनकी वैद्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती कि ठेकेदार ने जो नया रिकार्ड उपलब्ध करवाया है वह सही भी है या नहीं? इसके अलावा ठेकेदार ने बार कोड और इंडेक्स भी प्रत्येक स्कैन रिकॉर्ड का तैयार करने के बाद नगर निगम को उपलब्ध करवाना था लेकिन ठेकेदार ने बार कोड तो उपलब्ध करवाए दिए लेकिन इंडेक्स के अभाव में फाइल को तलाशना असंभव है । इससे जनता को अपना काम करवाने के लिए पहले से भी ज्यादा प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
2003 में इंद्राज होने वाले रिकार्ड को जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। इसके लिए नोटिंग चला दी है। ठेकेदार ने अभी आनलाइन रिकार्ड फ्रीज नहीं करवाया है लेकिन जल्द ही हम ठेकेदार से यह सारा रिकार्ड ले लेंगे। बार कोड तो ठेकेदार ने उपलब्ध करवा दिए हैं।
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-बलबीर सिंह, टेक्स शाखा इंचार्ज
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