सौगात: नया गांव- शंभू तक का सफर 10 मिनट और ठोल से साहा 50 मिनट में होगा तय
- नया गांव से शंभू और दुखेड़ी से केसरी टू लेन स्ट्रिंग स्टील बीम प्रोजेक्ट को सीएम की हरी झड़ी
- अब 30 मिनट से लेकर दो घंटे तक के जाम से मिलेगा जनता को छुटकारा
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। दो रेलवे स्टेशनों के बीच ओवरब्रिज को हरी झंडी मिलने के बाद फाटक बंद होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इतना ही नहीं नया गांव-शंभू तक का सफर मात्र 10 मिनट में तय होगा। इसके साथ ही ठोल से साहा तक पहुंचने में 50 मिनट का समय लगेगा। करीब 10 साल से लंबित गांववासियों की मांग पूरी हो गई है।
सिटी के नया गांव व शंभू रेलवे स्टेशन और दुखेड़ी से केसरी रेलवे स्टेशन के बीच सरकार ने टू लेन स्ट्रिंग स्टील ओवरब्रिज को हरी झंडी दे दी है। यहां पर रेलवे लाइन की वजह से सिटी के करीब एक दर्जन और पंजाब के भी करीब इतने ही गांव शहर मुख्यालय से कटे हुए थे। यही हालात दुखेड़ी-केसरी रेलवे लाइन के चलते कुरूक्षेत्र और अंबाला के बीच के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव के लोगों की थी। इन दोनों जगह अकसर फाटक बंद रहने से लोगों को रोजाना 30 मिनट से दो घंटे तक के जाम से जूझना पड़ता है।
नया गांव से शंभू रेलवे स्टेशन पंजाब की ओर जाने वाला रेलवे का मुख्य मार्ग है। यह तो अकसर बंद ही रहता है। यहां पर दो घंटे तक फाटक बंद रहने से लोगों को नया गांव से शंभु तक का सफर तय करने में दो से ढाई घंटे तक का समय लग जाता है या फिर उन्हें शहर के होकर निकलना पड़ता है और इसमें पेट्रोल की खपत के साथ करीब 25 मिनट का समय भी जाया जाता है। लेकिन अब टू लेन स्ट्रिंग स्टील ओवरब्रिज बनने से मात्र 10 मिनट में दूरी तय होगी और पेट्रोल भी बचेगा। दोनों प्रोजेक्ट पर करीब 47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दरअसल अंबाला कैंट में अंबाला-लुधियाना सेक्शन डेडीकेटिड फ्रेट कोरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) रूट पर नया गांव सिटी और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच पहले अंडर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी मिली थी। पर अब राज्य सरकार ने उस योजना को रद्द कर यहां वो स्ट्रिंग स्टील बीम के साथ दो लेन रेलवे ओवरब्रिज बनाने का फैसला किया है।
ठोल से साहा आने के लिए नहीं आना पड़ेगा अंबाला
अब कुरूक्षेत्र के ठोल और उससे सटे अंबाला के गांव के लोगों को अंबाला शहर से अंबाला कैंट और फिर साहा नहीं आना पड़ेगा। ठोल से वाया अंबाला और साहा की दूरी करीब 57 किलोमीटर पड़ती है। लेकिन इस टू लेन ओवरब्रिज के बनने से यह दूरी करीब 12 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसीलिए सफर भी मात्र 45-50 मिनट में तय हो सकेगा। ठोल से आने वाले लोगों को साहा आने में सीधे तौर पर मदद मिलेगी। इसके अलावा मोहड़ा से साहा और जनसूई हेड तक के लोगों को इस रूट से फायदा मिलेगा। अकसर इस रूट पर रेलवे का फाटक लगा रहता है और वर्तमान में पूरी सड़क उखाड़ा हुआ है। इसीलिए वाहन चालकों को पहले कैंट या केसरी पहुंचना पड़ता है उसके बाद वह साहा पहुंचते हैं या फिर बीच के रास्तों से होकर निकलना पड़ता है लेकिन वहां भी अकसर फाटक लग रहते हैं। अब रेलवे ओवरब्रिज बनने के कारण दुखेड़ी में फाटक बंद होने के कारण 30 से 45 मिनट फाटक पर खड़े होने की नौबत लोगों को नहीं आएगी। इससे जनसूई हेड, कलेंरा, बड़ौली, बड़ौला, नूरपुर, कोंकपुर, दुराना, छोड़पुर, मोहड़ा, दुखेड़ी, औजलों, फजैलपुर, धन्यौड़ा, धनौड़ी, केसरी, बिहटा इत्यादि गांव के लोगों को फायदा होगा।
ओवरब्रिज बनने से इन गांवों के लोगों को होगा फायदा
इसी तरह अंबाला शहर से नया गांव से शंभू तक टू लेन ओवर ब्रिज बनने से नया गांव, रमदास नगर, रंजीत नगर, कृष्णा कालोनी, कालू माजरा, छोटी घेल, बड़ी घेल, दड़वा, जमीतगढ़, उंटसर सहित पंजाब के करीब एक दर्जन गांव को लोगों को फायदा मिलेगा। बता दें कि नया गांव से शंभू की दूरी 6 किलोमीटर है। नया गांव का फाटक अकसर बंद रहता है। यह खुला भी हो तो छोटी घेल के पास जो अंडरब्रिज बना है वह भी बरसातों के कारण भरा रहता है और उसकी निकासी नहीं है। इन तमाम झंझटों से अब मुक्ति मिलेगी।
मुख्यालय से जुड़ पाएंगे गांव: गोयल
विधायक असीम गोयल ने कहा कि मुख्यालय से गांव की कनेक्टिविटी को लेकर वे शुरू से ही काम कर रहे हैं। नया गांव के पास टू लेन ओवरब्रिज की मंजूरी के साथ वे जंडली वे सुल्तानपुर चौक पर भी ओवरब्रिज मंजूर करवा चुके हैं। कनेक्टिविटी न होने के कारण सिटी का बड़ा हिस्सा मुख्यालय से कटा हुआ था। सिटी के विकास में ये ओवरब्रिज मील का पत्थर साबित होंगे। योजनाओं को मंजूरी के लिए विधायक ने सीएम मनोहर लाल का भी आभार जताया है।