डीसी दफ्तर पर ज्ञापन देने के लिए पहुंचे बहुजन क्रांति मोर्चा व मुुस्लिम समाज के लोगों ने डीसी के स्थान पर ज्ञापन लेने पहुंचे सीटीएम को ज्ञापन सौंपते से इंकार कर दिया। उन्होंने सीटीएम के आगे मांग की कि जब तक डीसी स्वयं कार्यालय से बाहर आ उनका ज्ञापन स्वीकार नहीं करेंगे। वह यहीं धरने पर बैठे रहेंगे। संगठन सदस्यों के हठ को देखते हुए डीसी स्वयं बाहर आए और ज्ञापन स्वीकार किया। बता दें कि बुधवार को बहुजन क्रांति मोर्चा व मुस्लिम समाज के लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम, राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण के विरोध में रोष मार्च निकाला। इस दौरान सभी ने एनआरसी और सीएए को खत्म करने के नारे लगाए और सरकार के खिलाफ जमकार नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान विरोधी कानून बनाया गया है। जो कि इस देश के संविधान ने धर्मनिरपेक्षता, न्याय, समता, स्वतंत्रता, और भाईचारा मूलक समाज बनाने का आश्वासन भारत की समस्त जनता को दिया था। इस बिल के द्वारा उसे खतम करने की कोशिश की जा रही है। संविधान के अनुसार वर्ण, लिंग, जाती और धर्म के आधार पर भारत के किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता है। मगर सीएए और एनआरसी के माध्यम से न केवल धर्म आधारित भेदभाव किया जा रहा है। बल्कि एसएसी एसटी ओबीसी धुमंतू जन जाति और धार्मिक अल्पसंख्यकों जैने कि जैन, बौद्घ, ईसाई मुस्लिम, सिख और लिंगायत आदि के साथ साथ शहरों में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले साधन बिन गरीब मजदूर वर्ग जिनके पास किसी भी तरह के दस्तावेज नहीं है, उनके साथ भेदभाव किया जाएगा।