बराड़ा नगरपालिका की चेयरपर्सन रमा खेतरपाल की कुर्सी पर फैसले की घड़ी आ गई। रमा की कुर्सी रहेगी या फिर जाएगी एसडीएम ऑफिस में शुक्रवार सुबह 11 बजे स्पेशल मीटिंग में 11 बागी पार्षद इस पर निर्णय करेंगे। डीसी अशोक शर्मा को चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र देने के बाद ये पार्षद गोपनीय जगह पर चले गए थे। जयपुर के एक होटल में कई दिन तक डेरा डालने के बाद वीरवार शाम को ये अंबाला के लिए रवाना हो गए थे। हालांकि वीरवार-शुक्रवार रात इन सभी ने बराड़ा के करीब 60 किलोमीटर दायरे में स्थित एक होटल में बिताई। मीटिंग से पहले ही सभी पार्षद एक साथ ऑफिस में प्रवेश करेंगे। उधर दो बागी पार्षदों का रवैया सहयोगियों के लिए मुसीबत बनता दिख रहा है। इन पर क्रॉस वोटिंग करने का शक भी जताया जा रहा है। खुद रमा खेत्रपाल बागियों में से दो पार्षद उनके संपर्क में होने की बात कई बार कह चुकी हैं।
11 बजे एसडीएम ऑफिस में होगी मीटिंग
नपा चेयरपर्सन रमा खेत्रपाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुक्रवार सुबह 11 बजे एसडीएम ऑफिस में मीटिंग रखी गई है। सभी पार्षदों को भेजे गए नोटिस में इसका साफ जिक्र किया गया है। हालांकि एसडीएम भारत भूषण कौशिक के ट्रांसफर से मीटिंग को लेकर संशय बना हुआ है। अभी तक ट्रांसफर होकर आए अफसर ने अभी तक एसडीएम का चार्ज नहीं लिया है। ऐसी स्थिति में एसडीएम भारतभूषण कौशिक ही मीटिंग की अगुवाई कर सकते हैं। हालांकि उनका कहा कि अगर नए एसडीएम शुक्रवार को चार्ज संभाल लेते हैं तो फिर स्पेशल मीटिंग लेने का अधिकार उनका होगा।
शाम को जयपुर से हुई रवानगी
मीटिंग के लिए वीरवार शाम को सभी बागी पार्षद अंबाला के लिए रवाना हो चुके थे। देर रात इनके करनाल पहुंचने की बात कही जा रही है। यहां के एक होटल में इनके रात ठहने की संभावना जताई जा रही है। फिर शुक्रवार सुबह ही ये पार्षद बराड़ा के लिए प्रस्थान करेंगे। कोशिश रहेगी कि मीटिंग से पहले कोई भी पार्षद चेयरपर्सन रमा खेत्रपाल से मुलाकात न करें। क्योंकि ऐसा हुआ तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। वहीं बागियों के पास चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पूर्ण बहुमत है।
रमा की कुर्सी हिली तो रिचा की दावेदारी सबसे मजबूत
दो पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने से नपा चेयरपर्सन रमा खेत्रपाल की कुर्सी बच सकती है। नपा में अभी 15 पार्षद हैं। एक पार्षद निलंबित चल रहा है। उसे वोटिंग का अधिकार नहीं है। बचे 14 में से 11 पार्षद रमा के खिलाफ बगावत कर चुके हैं। ऐसे में रमा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए कम से कम दस पार्षदों की जरूरत है। बहुमत के लिहाज से बागियों के पास फिलहाल यह आंकड़ा है। मगर दो पार्षदों के क्रॉस वोटिंग से करने से पूरा खेल बिगड़ सकता है। पता चला है कि बागियों में से दो पार्षद चेयरपर्सन के संपर्क में है। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पार्षद रिचा पाहवा का चेयरपर्सन बनने का दावा मजबूत हो जाएगा।
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इन पार्षदों ने की थी बगावत
इन पार्षदों में वार्ड 1 के पार्षद शमशेर सिंह, वार्ड 2 के अमित धीमान, वार्ड 3 के सुरजीत सिंह, वार्ड 4 की अभिलाषा, वार्ड 5 की योगिता, वार्ड 6 की अंजू, वार्ड 8 की सीमा, वार्ड 9 के मनीष कुमार (मनी), वार्ड 11 के जसविंद्र पाल, वार्ड 13 की रिचा पाहवा, वार्ड 15 के दीपक बाजवा शामिल हैं। चेयरपर्सन रमा के समर्थन में अभी वार्ड नंबर 7 के बलजिंद्र सिंह व वार्ड 14 के संदीप उर्फ मोंटी अरोड़ा हैं। वार्ड नंबर 10 के पार्षद परमजीत सिंह उर्फ प्रिंस अभी सस्पेंड चल रहे हैं। प्रिंस वोट नहीं कर पाएंगे।
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चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मीटिंग समय पर होगी। अभी तक उनकी जगह किसी दूसरे अफसर ने ज्वाइन नहीं किया है। अगर दूसरा अफसर उनकी जगह ज्वाइन करेगा तो फिर मीटिंग उनकी अगुवाई में होगी। चेयरपर्सन के खिलाफ विश्वास प्रस्ताव पारित करवाने के लिए सभी बागियों को उनके खिलाफ वोट करनी होगी। अगर एक वोट भी क्रॉस हुई तो इसका फायदा चेयरपर्सन को मिलेगा।
-भारत भूषण कौशिक, एसडीएम, बराड़ा।