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डीड राइटर्स के जगह पर एसडीएम ने ठोका ताला

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कैंट के एसडीएम सुुुुभाष सिहाग ने मंगलवार को डीड राइटर्स के बैठने की जगह पर ताला लगवा दिया। इस कार्रवाई के बाद डीड राइटर्स के साथ स्टांप वेंडर व नक्शा नवीश भी विरोध पर उतर आए। इसकी वजह से सभी ने पूरा दिन कामकाज ठप रखा। साथ ही एसडीएम की कार्रवाई का जमकर विरोध किया। यहां से शिफ्टिंग के लिए डीड राइटर्स और स्टांप वेंडर्स ने सात दिन की मोहलत मांगी थी। मगर एसडीएम ने एक दिन भी देने से साफ मना कर दिया।
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कई दिन से चल रहा था टकराव
एसडीएम ऑफिस की नई बिल्डिंग बनाने के लिए काफी समय से काम चल रहा है। इसकी वजह से यहां से काफी वकील तो प्रशासन की ओर से रूकमिणी देवी हॉल में खाली जमीन पर अपने चैंबर शिफ्ट कर चुके हैं। अभी एसडीएम ऑफिस के पास आधा दर्जन डीड राइटर्स, दो स्टांप वेंडर व दो नक्शा नवीस काम कर रहे हैं। इनका पूरा सैटअप यहीं लगा हुआ है। काफी दिन से वकील डीड राइटर्स के साथ स्टांप वेंडर्स को यहां से शिफ्ट करवाने पर अड़े हैं। इसी वजह से पिछले दिनों दोनों के बीच टकराव भी हुआ था। मंगलवार को फिर वकीलों ने एसडीएम सुुुुभाष सिहाग से इसकी शिकायत की। तब एसडीएम ने उन्हें तुरंत शिफ्ट करने के आदेश दिए। लेकिन डीड राइटर्स ने कुछ दिन की मोहलत मांगी। तब एसडीएम ने मोहलत देने से साफ मना करते हुए उनके परिसर पर ताला लगा दिया। डीड राइटर्स भी इस कार्रवाई के विरोध में उतर आए। उनका आरोप है कि एसडीएम दबाव में आकर उन्हें यहां से खदेड़ रहे हैं।
न बैठने की सुविधा न ही शौचालय की
डीड राइटर कमल किशोर जैन ने कहा कि एसडीएम सुुुुभाष सिहाग दादागिरी कर रहे हैं। उन्हें जबरन यहां से निकाला जा रहा है। यहां तो डीड राइटर्स व स्टांप वेंडर व नक्शा नवीस का ही काम है। वकीलों का यहां कोई काम नहीं है। बिना वजह के ही वे उन्हें यहां से शिफ्ट करने के लिए दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि एसडीएम की कार्रवाई के कारण ही उन्होंने पूरे दिन हड़ताल की। पूरे मामले से गृहमंत्री अनिल विज के भी अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि रूकमिणी देवी हॉल की जिस जमीन पर उन्हें शिफ्ट किया जा रह है वहां न तो बैठने की जगह है न ही कोई शौचालय की व्यवस्था।
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