फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: शहर के मुद्दे जस के तस, पुरानी समस्याएं अधर में

विज्ञापन
नगर निगम अंबाला शहर की फोटो।
विज्ञापन
अंबाला सिटी। शहर के विकास कार्यों पर नगर निगम की बैठक में मुहर नहीं लग सकी। नतीजा अब शहर में बेसहारा गोवंश, खराब स्ट्रीट लाइट, आवारा कुत्तों की नसबंदी और विकास कार्य के मुद्दे जस के तस है। यह सिलसिला पिछली बैठकों से चल रहा है, जब शहर से जुड़े मुद्दों पर बात नहीं की जा रही है, बल्कि पार्षद अधिकारियों पर विकास में रोड़ा अटकाने का आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन

इतना ही नहीं अब पार्षद भी आमने-सामने हो गए हैं। निगम की गुरुवार को बैठक स्थगित हो गई थी। अब अगली बैठक कब होगी, यह अभी तय नहीं है। बैठक में किसी एजेंडा पर चर्चा न होने से पुरानी समस्याएं भी बीच में लटक गई हैं। सड़कों पर बेसहारा पशु घूम रहे हैं। उनके लिए गोशाला बनाई जानी है, इस पर भी चर्चा नहीं हुई। एनडीसी, प्रॉपर्टी आईडी की समस्या को लेकर भी कोई बात नहीं हो सकी। शहर के स्ट्रीट लाइट का मुद्दा भी अहम था, यह भी पार्षदों के आपस में भिड़ने से भेंट चढ़ गया। बता दें कि बैठक में शहर से जुड़े 45 एजेंडा रखे थे, लेकिन किसी भी एजेंडा पर चर्चा नहीं हो पाई। भाजपा व कांग्रेस पार्षद पिछले मुद्दों पर वोटिंग करने पर अड़ गए। इसके बाद बैठक को स्थगित करना पड़ा।
मेयर को सहमति से एजेंडा कराना था तय : सचदेवा

भाजपा के मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने कहा कि बैठक का एजेंडा मेयर तय करते हैं। इसमें अधिकारी भी शामिल होते हैं। एजेंडा तय करने से पहले सब कमेटियां की बैठक बुलाई जानी चाहिए है और उनसे एजेंडा मांगना चाहिए। मगर मेयर गैर कानूनी ढंग से अपनी मनमानी का एजेंडा तय करके झूठी वाहवाही लूटने चाहते हैं। कचरा प्रबंधन टैक्स को लेकर सेनिटेशन व फाइनेंस कमेटी की बैठक नहीं बुलाई गई। ऐसे में कोई क्या मांग रखेगा और क्या एजेंडा तय होगा। इस बैठक में नियमों की पालना नहीं की गई। इन सब मुद्दों से मेयर नकारात्मक राजनीति कर रही है। भाजपा के 13 और हजपा के 7 पार्षद हैं, मगर जब तक भाजपा के पार्षदों को विश्वास में लेकर हाउस का एजेंडा तय नहीं किया जाएगा तो गतिरोध बना रहेगा। मेयर को भाजपा के साथ सहमति बनाकर एजेंडा तय करना चाहिए, तभी हाउस चलेगा। भाजपा शहर का विकास चाहती है। उनकी सरकार है। निगम में पैसा नहीं है, यह कहां से विकास करवा देंगे। निगम नहीं सरकार विकास करवा रही है।
विज्ञापन


कोट्स
बैठक में किसी एजेंडा पर चर्चा नहीं हो सकी। जिससे शहर का नुकसान हुआ है। हाउस में ही सभी एजेंडा पर प्रस्ताव पारित होना था। वह इसको लेकर काफी आहत हैं। अभी अगली बैठक का इंतजार करना होगा।
राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम।

कांग्रेस और भाजपा करते हैं बैठक में हंगामा : मेयर
मेयर शक्ति रानी शर्मा ने हाउस की बैठक में हुए हंगामे पर कहा कि एजेंडा में शहर से जुड़े बेसहारा गोवंश, सड़कों, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट व अन्य मुद्दे शामिल थे। मगर भाजपा व कांग्रेस पार्षदों ने बैठक में आते ही माइक व पानी के गिलास पर हंगामा कर दिया। वह इस बात से काफी आहत हैं। बैठक में शहर से जुड़े अहम मुद्दे रखे गए थे। किसी भी एजेंडा पर चर्चा न होने से शहर का नुकसान हुआ है। बेसहारा गोवंश शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं। इन गोवंश को कोई भी गोशाला लेने को तैयार नहीं है। अब इनको कहां भेजा जाए। निगम की शुरुआती बैठक में गोशाला बनाने का मुद्दा पास हुआ था। इसको लेकर जगह भी चिन्हित कर ली है। एस्टीमेट भी बन गया है। अब अगर भाजपा व कांग्रेस के पार्षद हाउस को नहीं चलने देंगे तो शहर का विकास कैसे होगा। शहर में पुरानी एलईडी लाइट बदलनी हैं तो उसे हाउस में प्रस्तुत करना था। पिछली तीन साल से हर बैठक में पार्षद हंगामा कर रहे हैं। कांग्रेस व भाजपा दोनों ए और बी टीम बन गई हैं। यह जानबूझकर बैठक को चलने नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि बैठक को स्थगित किया गया है। मुख्यालय से जवाब आएगा तो बैठक दोबारा तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें