डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए वर्क ऑर्डर जारी होने के साथ ही वीरवार को डोर टू डोर कूड़ा उठान का कार्य भी शुरू हो गया है। अमर उजाला ने लगातार इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया और शहर में चारों ओर फैली गंदगी के मुद्दे को उठाया था। पूरे नौ दिनों के बाद नगर निगम क्षेत्र के करीब 1 लाख से अधिक घरों से बृहस्पतिवार को कूड़े का उठान हुआ है। कूड़ा उठने के साथ ही लोगों ने भी राहत महसूस की है, क्योंकि पिछले दिनों कई लोगों ने अपने घरों के कूड़े को रुपये देकर सफाई कर्मचारी से उठवाया था।
अब करीब एक साल तक डोर टू डोर कूड़ा उठान को लेकर लोगों को समस्या नहीं आएगी और प्रतिदिन लोगों के घरों से कूड़े का सही तरीके से और सही समय पर उठान होगा। क्योंकि यह टेंडर पूरे एक साल के लिए हुआ है। परंतु लोगों का कहना था कि जब नगर निगम को यह पता होता है कि डोर टू डोर कूड़ा उठान का टेंडर खत्म होने वाला है तो उससे पहले ही नगर निगम को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। इससे कि आमजन के सामने इस तरह की समस्या न आए। जिस तरह की समस्या उन्होंने पिछले एक सप्ताह में देखी है।
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दिवाली से पहले पार्षदों ने पास किया था एजेंडा
डोर टू डोर कूड़ा उठान के टेंडर प्रक्रिया को शुरू करने के लिए दिवाली से दो दिन पहले ही विशेष बैठक में पार्षदों ने इसे पास कर दिया था। इसके बाद भी डोर टू डोर कूड़ा उठान का टेंडर नए सिरे से लगाए की बजाय उसे तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया था। तीन माह में भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। जब टेंडर की बढ़ी हुई तारीख भी निकल गई इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई और कई दिनों तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया था। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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