अंबाला सिटी। करोड़ो रुपये की लागत से बने अंबाला सिटी के सुषमा स्वराज बस अड्डे पर यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। बस अड्डे पर लाखों रुपये के उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगे हैं लेकिन इन कैमरों की रिकार्डिंग को स्टोर करने के लिए डीवीआर नहीं है।
ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा कैसे होगी अगर किसी यात्री के साथ कोई अनहोनी हो गई उसकी जांच या फिर निगरानी कैसे होगी। इस बस स्टैंड से रोजाना 250 के करीब बसों का संचालन होता है। इसके अलावा यहां पर सात हजार के करीब यात्रियों को आवागमन लगा रहता है।
डेढ़ साल से बिना डीवीआर के हैं कैमरे
बस स्टैंड पर डेढ़ साल से बिना डीवीआर के कैमरे बंद हैं। डेढ़ साल पहले परिसर में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने डीवीआर को जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा था। इसके बाद से रोडवेज अधिकारियों ने न तो नई डीवीआर खरीदी और न ही डीवीआर को पुलिस विभाग से मंगाया। यही कारण है कि कैमरों के लगने होने का भी कोई फायदा नहीं है।
ये है होता है डीवीआर
डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर स्थानीय स्टोरेज डिवाइस, आमतौर पर हार्ड ड्राइव पर वीडियो रिकॉर्ड करता है। डीवीआर साइट पर एनालॉग वीडियो स्रोतों को रिकॉर्ड कर सकता है या डिजिटल स्रोत से वीडियो कैप्चर कर सकता है। इसको समाक्षीय केबल के माध्यम से एनालॉग कैमरों से जोड़ा जा सकता है, जिससे उन्हें दूर से एक्सेस किया जा सकता है।
18 करोड़ से बना है दो मंजिला बस अड्डा
2018 में अंबाला सिटी बस स्टैंड का शिलान्यास शुरू किया था। 18 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला बस स्टैंड बनकर तैयार हुआ था। वर्ष 2020 में इस बस अड्डे का नामकरण किया गया। तब से इसे सुषमा स्वराज बस अड्डा के नाम से जाना जाता है। भूतल पर बस अड्डा है। जबकि प्रथम तल और दूसरे तल पर स्टाफ और अधिकारियों के लिए कमरे बनाए गए है। जो रोडवेज विभाग से संबंधित काम करते हैं।
लाखों रुपये से लगे थे 36 उच्च गुणवत्ता के कैमरे
सुषमा स्वराज बस अड्डे पर लाखों रुपये की लागत से उच्च गुणवत्ता वाले 36 कैमरे लगाए गए थे। यह कैमरे एक से डेढ़ किलोमीटर तक की रेंज है। इस कारण इन्हें जूम करके कपड़ा मार्केट तक साफ देखा जा सकता था।
डेढ़ साल पहले हुई थी युवक की हत्या
डेढ़ साल पहले बस स्टैंड परिसर में युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के किए पुलिस ने डीवीआर को अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद पुलिस ने डीवीआर को फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेज दिया। तब से लेकर अब डीवीआर वापस नहीं आई।
फायर उपकरण भी ठीक नहीं
बस अड्डे पर लगे फायर उपकरण भी खस्ता हाल में हैं, लंबे समय इनकी सुध नहीं ली गई है। कहीं पर सिलिंडर नहीं है तो कहीं पर पाइप के बक्से भी खाली हैं, लंबे समय से किसी भी कर्मचारी को आग बुझाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इसके अलावा पानी के होज की मोटर भी लंबे समय से काम नहीं कर रही है।
वर्जन
डीवीआर वापस मंगवाने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया हुआ है। लेकिन आज तक डीवीआर नहीं आई है। इसके कारण कैमरे बंद हैं।
कृष्ण, संस्थान प्रबंधक बस स्टैंड, अंबाला सिटी।
अंबाला शहर स्थित सुषमा स्वराज बस अड्डा। संवाद