एक माह के बच्चे के पैर प्लास्टर करते हुए डॉ अकुंर। संवाद
अंबाला सिटी। जन्म के समय अगर बच्चों के पैर टेढ़े या फिर मुड़े हुए होते हैं तो उन्हें ठीक किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए डीआईईसी सेंटर में प्रत्येक वीरवार को शिविर लगाकर बच्चों के पैरों का उपचार किया जाता है।
विभाग की ओर से यह शिविर अब जून के पूरे माह तक जारी रहेगा। इसमें अभिभावक किसी भी दिन आकर अपने बच्चों के पैरों का उपचार करवा सकते हैं। हड्डी रोग चिकित्सक डॉ. अंकुर गर्भ के समय बच्चों के पैरों पर गर्भ का दबाव पड़ जाता है। इसके कारण बच्चों के पैर गर्भ में सीधे नहीं हो पाते हैं। इसके अलावा भी कई कारणों से बच्चों के पैर टेढ़े हो जाते हैं।
अब तक 80 बच्चों का सफल उपचार
डॉ. अंकुर ने बताया कि अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से उन्होंने 2020 से लेकर अब तक 80 बच्चों का सफल उपचार किया है। बीते वर्ष ही 25 बच्चों का उपचार किया है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में हड्डियों को सीधा करना आसान होता है। पहले बच्चों के पैरों पर प्लास्टर किया जाता है इसके बाद बच्चों के पैरों को सीधा रखने के लिए ब्रेसिस भी लगाए जाते है। लगातार उपचार से बच्चों के पैरों में कोई परेशानी नहीं रहती।
वर्जन
वीरवार की जगह 30 जून तक रोजाना क्लब फुट शिविर जारी है। जिसमें बच्चों के टेढ़े मेढ़े पैरों पर प्लास्टर कर उनका उपचार किया जा रहा है।
-डॉ. अंकुर, हड्डी रोग चिकित्सक