अंबाला। छावनी रेलवे स्टेशन से 2 सितंबर को अपहृत बच्चे को घरौंडा के सदरपुर गांव से बरामद कर जीआरपी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जीआरपी की टीम ने 110 किलोमीटर के दायरे में 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
पहली फुटेज में स्टेशन के अंदर से आरोपी आठ साल के बच्चे को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए दिखे। इसके बाद बाइक के नंबर के आधार पर जीआरपी आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी अशोक कुमार उर्फ शौकी और प्रवीण कुमार ने बताया कि वह भेड़-बकरी पालन का काम करते हैं।
वह बच्चे को रेलवे स्टेशन के अंदर से कुरकुरे खिलाने का लालच देकर बाइक पर बैठाकर ले गए। इसके बाद उससे जबरन मजदूरी करवा रहे थे। जीआरपी के अनुसार, बिहार के नालंदा जिले के रहमानपुर निवासी मुन्ना मांझी 2 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे अपने परिवार के साथ पटना जाने वाली ट्रेन में सवार हो रहे थे। स्टेशन पर भीड़ के कारण हड़बड़ी में उनका 8 वर्षीय बेटा स्टेशन पर ही छूट गया।
काफी दूर जाने के बाद जब परिजनों को बच्चा नहीं मिला, तो उन्होंने लौटकर खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पिता ने लिखित शिकायत जीआरपी को दी। जीआरपी ने गलत तरीके से कैद करने की धारा 127(6) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।