संवाद न्यूज एजेंसी,
अंबाला। छठ महापर्व के तीसरे दिन संध्या के समय व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की। इस दौरान महिलाएं और पुरुष घाट पर पानी के बीच खड़े होकर छठी मइया की उपासना करते नजर आए। वहीं कई महिलाएं छठी मइया के गीत गातीं नजर आईं। इस दौरान अंबाला में अस्थाई और स्थाई घाटों को रंग रोगन और लाइट से सजाया गया। वहीं घाट के अंदर गन्ने भी लगाए गए थे। चार बजते ही श्रद्धालु घाट पर पहुंचने लगे।
छावनी की रेलवे काॅलोनी स्थित नाचघर में पान की आकृति नुमा घाट को सुंदर सजाया गया। वहीं टांगरी बांध स्थित चंद्ररूप नगर में मिथिलांचल नवयुवक सेवा समिति की ओर से छठपर्व को लेकर अस्थाई घाट बनाया गया था। इसके अलावा अंबाला सिटी के सेक्टर नौ स्थित हाउसिंग बोर्ड कालोनी पार्क गेट नंबर एक के पास बने पक्के घाट पर पूर्वांचल सनातन पूजा फाउंडेशन की और से छठपर्व को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान चार बजते ही घाट पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया घाट के किनारे पहुंची महिलाओं ने दीप जलाया और पूजा शुरू कर दी। इस दौरान महिलाएं एक दूसरी महिला को सिंदूर लगाती रही। इसके बाद महिलाएं घाट पर पानी के बीच उतरी जहां पर उन्हाेंने घाट के पानी से अपने आप को शुद्ध किया। वहीं कई महिलाओं ने घाट पर ही डूबती लगाई।
इस दौरान महिलाओं ने सूप को लेकर जिसमें फल, नारियल, अनानास, केला, अदरक, हल्दी गन्ना, मूली और नींबू, सूखा नारियल, फूल अन्य मिष्ठान मौजूद थे। इसके बाद महिलाओं ने सूप लेकर डूबते सूर्य की पूजा अर्चना शुरू की। व्रती महिलाएं पानी के बीच ही परिक्रमा कर रही थी। इसके साथ ही महिलाएं हाथ में अगरबत्ती लेकर पूजा करती नजर आईं।
छठपर्व पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान पूजा करती महिला। संवाद